Til use in Ayurveda: मकर संक्रांति पर क्यों खाते हैं तिल के लड्डू?

Til use in Ayurveda: आज मकर संक्रांति है और आज के दिन तिल का दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। सर्दियों में हमारे देश में तिल का खाना बहुत ही अच्छा माना जाता है। उत्तम स्वास्थ्य के लिए सर्दियों में तिल के लड्डु से लेकर तमाम चीजें बनाई जाती है। तिल के फायदे बेशक दुनिया को अब पता लगे हैं। लेकिन आयुर्वेद में तिल हज़ारों सालों से सर्दियों में खानपान का हिस्सा कहा गया है।

आयुर्वेद के मुताबिक, तिल का उपयोग करने से शरीर गर्म रहता है, जोकि सर्दियों में सर्दी से लड़ने में मदद करता है। ये आपका खून का दौरा भी ठीक रखता है। इससे शरीर एक्टिव और स्वस्थ्य रहता है। मॉर्डन साइंस के मुताबिक इसमें सेसमीन नाम का एन्टीऑक्सिडेंट पाया जाता है, जोकि कैंसर कोशिकाओं के एंटी काम करता है और उनको बढ़ने से रोकता है। इसी वजह से यह लंग कैंसर, पेट के कैंसर, ल्यूकेमिया, प्रोस्टेट कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर में खाने पर फायदा करता है।  
सर्दियों में बाल को मजबूत और चमकदार रखने, साथ ही स्किन सेहतमंद रखने के लिए रोजाना तिल जरुर खाएं। तिल में मौजूद प्रोटीन  पूरे शरीर को भरपूर ताकत और एनर्जी देता है। इससे मेटाबोलिज्म भी बेहतर तरह काम करता है। 
तिल को सेहत का ख़जाना भी कहा जाता है। इसमें कुछ ऐसे तत्व और विटामिन भी होते हैं जोकि तनाव और डिप्रेशन को कम करते हैं।
तिल में कैल्शिेयम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और सेलेनियम जैसे तत्व होते हैं, जो हृदय की मांसपेशि‍यों को मजबूत और सक्रिय रूप से काम करने में मदद करते हैं।

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