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Ayurveda: कैसे बचें कड़ाके की ठंड से बचने की तीन उपाए

Yoga

At Leh Airport, where temperatures plunge below –10°C and every breath tests endurance, CISF personnel embraced Yoga

पूरे उत्तर भारत में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, बहुत सारे लोग सर्दी से बचने और बीमारियों से दूर रहने की कोशिशों में लगे हुए हैं, ऐसे में आयुर्वेदिक तरीके से जीवन जीने से सर्दी से आसानी से बचा जा सकता है। आयुर्वेद में सर्दी से बचाव के लिए वात दोष को संतुलित रखना मुख्य है, जो सर्द ऋतु में बढ़ जाता है। गर्म आहार, जड़ी-बूटियां और दिनचर्या से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। इससे सर्दी-जुकाम जैसी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।

आहार संबंधी उपाय

सर्दियों में गर्म, स्निग्ध और पौष्टिक भोजन लें जैसे घी, दूध, गुड़, तिल, दलिया, खिचड़ी और सूखे मेवे। अदरक, लहसुन, हल्दी, काली मिर्च जैसे गर्म तासीर वाले मसाले शामिल करें तथा ठंडे पानी, फ्रिज के भोजन और जंक फूड से परहेज करें। इससे पाचन मजबूत रहता है और शरीर गर्म रहता है।

जड़ी-बूटियों के नुस्खे

तुलसी-अदरक का काढ़ा बनाएं: 5-6 तुलसी पत्ते, अदरक, काली मिर्च उबालकर शहद मिलाएं। हल्दी वाला दूध रात को पिएं, च्यवनप्राश रोज लें। भाप लें या तिल/सरसों तेल से मालिश करें। ये इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।

दैनिक दिनचर्या

सुबह गुनगुना पानी पिएं, हल्का व्यायाम या योग करें, धूप लें और गर्म कपड़े पहनें। रात को जल्दी सोएं और तेल मालिश करें। इससे वात संतुलित रहता है।

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