लखनऊ। लखनऊ में चल रहे आयुर्वेद का अनंत महोत्सव के दौरान 22 अगस्त 2025 को राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (RAV) की निदेशक डॉ. वंदना सिरोहा को उत्तर प्रदेश के माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक ने प्रतिष्ठित ‘आयुर्वेद गौरव सम्मान’ प्रदान किया। यह सम्मान उनके द्वारा आयुर्वेद के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट योगदान और नेतृत्व की औपचारिक सराहना है।
डॉ. सिरोहा ने अनुसंधान, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के माध्यम से आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य परिप्रेक्ष्य में स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ ने आयुर्वेद को एक प्रमाण-आधारित और वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य चिकित्सा पद्धति के रूप में सुदृढ़ किया है।
आयुर्वेदम फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव (22–24 अगस्त 2025) में नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और चिकित्सकों की भागीदारी हो रही है। महोत्सव का उद्देश्य भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली की उपलब्धियों को रेखांकित करना और समकालीन स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान में इसकी प्रासंगिकता पर विमर्श करना है।
सम्मान ग्रहण करने के बाद डॉ. सिरोहा ने इसे संपूर्ण आयुर्वेदिक समुदाय को समर्पित करते हुए कहा कि—
“आयुर्वेद की शक्ति केवल परंपरा में ही नहीं, बल्कि विज्ञान और नवाचार में भी है। मेरा संकल्प है कि सहयोग और शोध के माध्यम से इसे जन-जन तक पहुँचाया जाए।”
आयोजकों ने उनकी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति को अत्यंत मूल्यवान बताते हुए कहा कि डॉ. सिरोहा के विचारों से महोत्सव की चर्चाएँ और अधिक सारगर्भित हुईं। महोत्सव का समापन 24 अगस्त 2025 को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनी के साथ होगा।

