Yug Sanskriti Nyas and Vriddhcare Foundation organized a special International Yoga Day 2026 program for senior citizens at Mata Rambeti Old Age Home, promoting healthy ageing through yoga, meditation, and wellness activities.
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर युग संस्कृति न्यास एवं वृद्धकेयर फाउंडेशन द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के साथ एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस वर्ष की अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Ageing” को केंद्र में रखते हुए आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने हेतु योग के महत्व को जन-जन तक पहुँचाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पवन गर्ग (पूर्व वाइस प्रेसिडेंट एवं सेक्रेटरी, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन), विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री राहुल (फाउंडर एवं सीईओ, होमलेस केयर फाउंडेशन), श्रीमती शिखा टंडन (प्रिंसिपल, दृष्टि पब्लिक स्कूल) तथा श्रीमती शगुन चड्ढा (संयोजिका, संस्कार डीएलएफ शाखा, भारत विकास परिषद) उपस्थित रहीं। युग संस्कृति न्यास के संस्थापक आचार्य धर्मवीर जी और वृद्धकेयर फाउंडेशन की डायरेक्टर श्रीमती गार्गी लखनपाल जी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों, अधिकारियों एवं प्रबुद्ध वर्ग के लोगों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का संचालन श्री भास्कर चेतिया जी द्वारा किया गया। योग एवं प्राणायाम सत्र का नेतृत्व श्रीमती ममता गोयल जी ने किया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पधारी योग विशेषज्ञ टीम के सदस्य श्री आदित्य, श्री सयोन एवं अन्य प्रशिक्षकों ने वरिष्ठ नागरिकों को योग, प्राणायाम एवं ध्यान की विभिन्न विधियों का अभ्यास कराया तथा उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों की जानकारी दी। प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ योगाभ्यास में सहभागिता करते हुए योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों का अनुभव किया तथा अपने प्रेरणादायक अनुभव भी साझा किए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने योग को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन की आधारशिला बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेष रूप से बढ़ती आयु में योग व्यक्ति को सक्रिय, आत्मनिर्भर एवं ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक सिद्ध होता है।
आश्रम की संचालक महंत महानंद गिरी जी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। योग व्यक्ति को स्वस्थ, अनुशासित एवं शांतचित्त बनाता है तथा जीवन में सकारात्मकता एवं आत्मबल का संचार करता है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य एवं कल्याण हेतु युग संस्कृति न्यास और वृद्धकेयर फाउंडेशन के द्वारा किए जा रहे सतत प्रयासों तथा योग दिवस पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के लिए दोनों संस्थाओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर अपने भावनात्मक विचार व्यक्त करते हुए युग संस्कृति न्यास के संस्थापक आचार्य धर्मवीर जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से विश्वभर में योग के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार हुआ है।
उन्होंने कहा कि यदि हमें भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित करना है तो समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना होगा। इसके लिए शांत मन, अनुशासित जीवनशैली एवं स्वस्थ शरीर का होना आवश्यक है, जिसमें योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की अमूल्य धरोहर, अनुभव के स्रोत एवं युवा पीढ़ी के प्रेरणास्तंभ हैं। उनका स्वस्थ एवं सक्रिय रहना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है। योग इस दिशा में एक प्रभावी एवं सरल माध्यम है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
वृद्धकेयर फाउंडेशन के संचालक सुश्री गार्गी जी ने वृद्धाश्रमों में रहने वाले वृद्ध व्यक्तियों के जीवन में योग के महत्व को अपने लंबे अनुभव के आधार पर उजागर किया। उन्होंने माता रामबेटी वृद्धाश्रम में रहने वाले सभी बुजुर्गों को नियमित रूप से योग करने के लिए आह्वान किया जिससे उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक सोच-विचार पर अच्छी और गहरी प्रभाव और विकास हो पाए।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने युग संस्कृति न्यास एवं वृद्धकेयर फाउंडेशन द्वारा किए जा रहे सामाजिक एवं स्वास्थ्य जागरूकता संबंधी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य, जागरूकता एवं पीढ़ियों के बीच सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही भविष्य में भी युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए ऐसे प्रेरणादायी, ज्ञानवर्धक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान, स्वस्थ जीवनशैली के संकल्प एवं सभी प्रतिभागियों के साथ सामूहिक आहार के साथ हुआ।

