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“अब कम नहीं, ज्यादा खाना बना बीमारी की जड़”

“Malnutrition to Obesity: India Faces a Double Burden”

“Malnutrition to Obesity: India Faces a Double Burden”

ICMR-NIN Dietary Guidelines 2024 provide a comprehensive roadmap for balanced nutrition in India, addressing malnutrition and rising lifestyle diseases with practical food-based recommendations.

Indian Council of Medical Research के अंतर्गत National Institute of Nutrition (ICMR-NIN) ने वर्ष 2024 के लिए भारतीयों हेतु नए आहार संबंधी दिशानिर्देश (Dietary Guidelines) जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि अब भारत में कुपोषण के मामले तो कम हो रहे हैं, लेकिन ज्य़ादा फैट और शुगर वाले उत्पाद खाने की वजह से मोटापे के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं, ख़ासकर बच्चों में यह बहुत तेज़ी से हो रहा है। संस्थान की यह गाइडलाइंस देश में एक व्यापक, खाद्य-आधारित रणनीति प्रस्तुत करती हैं, जिसका उद्देश्य देश में बढ़ते कुपोषण और डाइट से जुड़ी गैर-संचारी बीमारियों (NCDs) दोनों से एक साथ मुकाबला करना है।


क्या है नई गाइडलाइंस की खासियत?


भारत में पोषण की दोहरी चुनौती

ICMR-NIN के अनुसार भारत इस समय Double Burden of Malnutrition का सामना कर रहा है:

कुपोषण अब भी मौजूद

मोटापा और लाइफस्टाइल बीमारियां बढ़ीं

प्रमुख कारण:


क्या खाने की सलाह दी गई है?

संतुलित और विविध आहार

विशेष समूहों पर फोकस

स्तनपान और बच्चों का पोषण


किन चीजों से बचें?


पोषण संतुलन का फॉर्मूला

ICMR-NIN के अनुसार:


जीवनशैली पर भी जोर


क्यों महत्वपूर्ण हैं ये गाइडलाइंस?

ये दस्तावेज केवल आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि:

सभी के लिए एक टेक्निकल रोडमैप है, जो भारत की राष्ट्रीय पोषण नीति को मजबूत करता है।


ICMR-NIN की नई गाइडलाइंस भारत के बदलते स्वास्थ्य परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। यदि इनका सही तरीके से पालन किया जाए, तो यह न केवल कुपोषण को कम करेंगी बल्कि भविष्य में बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों को भी नियंत्रित करने में मददगार साबित होंगी।

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