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आयुष मंत्रालय ने लॉन्च किया Ayush Anudan Portal

Ayush Anudan Portal The launch was officiated by Shri Prataprao Jadhav, Hon'ble Minister of State (IC) for Ayush, and was graced by Vaidya Rajesh Kotecha, Secretary, Ministry of Ayush,

Ayush Anudan Portal The launch was officiated by Shri Prataprao Jadhav, Hon'ble Minister of State (IC) for Ayush, and was graced by Vaidya Rajesh Kotecha, Secretary, Ministry of Ayush,

The Ministry of Ayush has launched the Ayush Anudan Portal under the Ayush Grid initiative to streamline funding proposal submission, tracking, and monitoring through a transparent and fully digital platform.

आयुष ग्रिड पहल के तहत आयुष मंत्रालय ने Ayush Anudan Portal लॉन्च किया है। यह पहले से मौजूद Ayush NGO Portal का पूरी तरह उन्नत और आधुनिक संस्करण है, जिसे केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं (Central Sector Schemes) के तहत फंडिंग प्रस्तावों के सबमिशन, प्रोसेसिंग और मॉनिटरिंग को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

इस पोर्टल का शुभारंभ केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने किया। इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा सहित मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें संयुक्त सचिव डॉ. कविता जैन, श्रीमती अलारमेलमंगई डी., सुश्री मोनालिसा दास और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी पारदर्शिता और कार्यक्षमता

आयुष मंत्रालय के अनुसार, नए पोर्टल का उद्देश्य फंडिंग प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाना है। इसके माध्यम से आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, जिससे कागजी कार्यवाही और प्रशासनिक बाधाओं को कम किया जा सकेगा।

Ayush Anudan Portal की प्रमुख विशेषताएं

नए पोर्टल में कई महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधाएं जोड़ी गई हैं:

MAISP प्लेटफॉर्म से भी मिलेगी सुविधा

आयुष मंत्रालय ने बताया कि Ayush Anudan Portal को MAISP (My Ayush Integrated Services Portal) से भी जोड़ा गया है। इससे हितधारकों को एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम के माध्यम से विभिन्न सेवाओं तक आसानी से पहुंच मिलेगी।

डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पोर्टल आयुष क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। इससे आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और योजनाओं के लाभार्थियों तक सहायता अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच सकेगी।

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