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Navgrah Vatika : रीवा आयुर्वेदिक कॉलेज ने बनाई नवग्रह वाटिका

Rewa govt ayurved college : रीवा के शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में भी ऐसी ही पहल की गई है. छात्रों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा और अच्छा वातावरण मिल इसके इसके लिए रीवा के शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में अलग-अलग जगहों से पौधों को लाकर और उन्हें लगाकर अग्निवेश वाटिका बनाई गई है.

संजय लोहानी/रीवा : भारतीय ग्रंथो और वेद पुराणों के अनुसार इस दुनिया में जो भी घटता है, वह सब ग्रह-नक्षत्रों (9planets) के द्वारा संचालित, प्रभावित और नियंत्रित होता है.ज्योतिष शास्त्र (Astrology) के अनुसार भी मानव जीवन में गृह और नक्षत्रों का बड़ा महत्त्व होता है और अब इस बात को माना भी जाने लगा है और इसी को लेकर लोग अपने घरों में नक्षत्रों के हिसाब से पौधे लगाने लगे हैं.

इसी को मानते हुए रीवा के शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में भी ऐसी ही पहल की गई है.छात्रों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा और अच्छा वातावरण मिल इसके इसके लिए रीवा के शासकीय आयुर्वेद कॉलेज में अलग-अलग जगहों से पौधों को लाकर और उन्हें लगाकर अग्निवेश वाटिका बनाई गई है. जिसमें औषधीय पौधों के साथ ही एक नवग्रह वाटिका भी बनाई गई है.

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नवग्रह वाटिका में नवग्रह से संबंधित पौधों का रोपण किया गया है. ये सभी पौधे-वनस्पतियां, औषधि, फल-फूल, शीतल छाया और शुद्ध वायु आक्सीजन प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण सरंक्षण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं.

इस वाटिका की सबसे बड़ी खासियत ये है की वाटिका में मौजूद एक-एक पौधा यंहा के छात्रों को प्रोजेक्ट के रूप में दिया गया है. छात्र इन पौधों की पूरे साल भर अच्छी तरह से देखरेख करेंगे. छात्रों ने किस तरह पौधों की देखरेख की, इसके आधार पर उन्हें मार्क्स भी दिए जाएंगे.

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि  लगातार पर्यारण घुल रहे जहर को देखते हुए और छात्रों को कालेज में एक अच्छा वातावरण मिल सके इसी उद्देश्य को लेकर अलग-अलग जगहों से पौधे लाकर कालेज में अग्निवेश वाटिका बनाई गई है. इस वाटिका में मौजूद सभी पौधों को एक-एक छात्र को प्रोजेक्ट के रूप में दिया गया है. इस वाटिका में कई औसधीय पौधे भी लगाए गए हैं, जो अलग-अलग बीमारियों के इलाज में काम आते हैं. छात्रों को उन पौधों की उपयोगिता के बारे में भी बताया जाता है, जिससे ये उनके महत्व के बारे में समझ सके और दूसरों को भी बता सकें. 

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