Ruchi Soya: देश में किसी कंपनी को घाटे से प्रॉफिट में लाने का काम आयुर्वेद उत्पादों (Ayurveda products) की कंपनी पतंंजलि (Patanjali) ने कर दिखाया है, रूचि सोया एक समय 12 हज़ार करोड़ रुपये के कर्जे में डूबी हुई थी और कंपनी बंद हो गई थी। ऐसे में पतंजलि ने इस कंपनी को इंसोलवेंसी प्रोसेस (Insolvency process) से खरीदकर सिर्फ एक साल में ही इसे मुनाफे वाली कंपनी (profit making company) बना दिया है।
पतंजलि ने रूचि सोया को 4350 करोड़ रुपये में खऱीदा था। वो भी उस समय जब कंपनी को खरीदने के लिए कोई भी कंपनी वाजिब दाम नहीं दे रही थी। ऐसे में पतंजलि ने इस कंपनी को खरीदा और अब ये कंपनी सालाना 880 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रही है। कंपनी का शेयर भी 3.50 रुपये से बढ़कर अब 1000 रुपये से ऊपर चल रहा है।
पतंजलि अब इस कंपनी का फॉलो ऑन पब्लिक इश्यू (FPO) लाने जा रही है, जिसमें कंपनी 4000 करोड़ रुपये से ज्य़ादा पब्लिक से जुटाएगी, ताकि कंपनी अपने कर्जों को वापस कर सके और उसे कंपनी के लिए वर्किंग कैपिटल जुटा सके। कंपनी का इश्यू 24 मार्च को खुलेगा और 28 मार्च को बंद होगा।
सबसे बड़ी खाने का तेल बनाने वाली कंपनी
रूचि सोया देश की सबसे सोयाबीन तेल बनाने की कंपनी है, जोकि लंबे समय से बंद पड़ी थी। इस कंपनी पर 12 हज़ार करोड़ रुपये से ज्य़ादा का कर्ज था, जिसे पतंजलि आयुर्वेद ने इंसोलवेंसी प्रोसेस के जरिए से 4350 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस कंपनी के पास न्यूट्रिला नाम का ब्रांड भी है।
