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डायबिटीज कंट्रोल में आयुर्वेद क्या कहता है? प्राकृतिक समाधान जानें

How to control diabetes with Ayurveda

How to control diabetes with Ayurveda

लेखक: वैद्य एम डी त्रिपाठी (9711836259)

What Does Ayurveda Say About Diabetes Control? Discover Natural Ways to Manage Blood Sugar with Bitter Gourd, Fenugreek, Jamun & Yoga

डायबिटीज (मधुमेह) आज भारत में तेजी से बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारी बन चुकी है। आयुर्वेद में इसे “प्रमेह” कहा गया है और इसका संबंध मुख्य रूप से कफ दोष, कमजोर पाचन अग्नि और असंतुलित जीवनशैली से माना गया है।

आयुर्वेद के अनुसार, डायबिटीज केवल ब्लड शुगर की बीमारी नहीं बल्कि पूरे मेटाबॉलिज्म के असंतुलन का परिणाम है। इसलिए उपचार में दवा के साथ-साथ आहार और दिनचर्या पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार मधुमेह क्या है?

आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार मधुमेह तब होता है जब शरीर में अग्नि (पाचन शक्ति) कमजोर हो जाती है और कफ दोष बढ़ जाता है। इससे शरीर में शर्करा का सही उपयोग नहीं हो पाता। इसलिए उपचार में आहार, विहार और औषधि—तीनों पर समान ध्यान दिया जाता है।


आयुर्वेदिक उपाय जो मदद कर सकते हैं

कड़वे और कसैले पदार्थ

मेथी दाना

रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करने से ब्लड शुगर संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।

गुड़मार (Gymnema Sylvestre)

आयुर्वेद में इसे “मधुनाशिनी” कहा जाता है, जो मीठे की इच्छा कम करने में सहायक मानी जाती है।

योग और प्राणायाम


कैसा हो आहार?

जौ, कोदो, बाजरा जैसे मोटे अनाज
हरी सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन
कम मीठा, कम तला-भुना भोजन
चीनी, मैदा और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से परहेज


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