Yog with allopathy: मॉर्डन चिकित्सा पद्धति के साथ साथ अब देश में कई प्रमुख मेडिकल संस्थानों में योग सेंटर भी खुल रहे हैं, दिल्ली एम्स के साथ अब रायपुर एम्स में भी योग और नेचुरोपैथी के लिए अलग से डिपार्टमेंट बना दिए गए हैं। दरअसल अब योग को सभी पैथियों के साथ इस्तेमाल किया जा रहा है। विदेशों में तो पहले भी इस तरह के प्रयोग किए जाते थे। भारत में भी कई डॉक्टर्स इस तरह के प्रयोग करते रहे हैं। आयुर्वेद में तो योग का इस्तेमाल बीमारियां दूर करने के लिए होता ही है।
देश में जितने भी एम्स खुल रहे हैं, उनमें योग और नेचुरोपैथी का एक अलग विभाग तैयार हो ही रहा है। छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एम्स में भी इस विभाग को लोगों के लिए खोल दिया गया है। इससे पहले इस विभाग में ही कोरोना सेंटर बनाया गया था, इसलिए इसको चालू नहीं किया जा सका था। लेकिन अब यह चालू हो गया। अब रायपुर एम्स में भी योग और नेचुरोपैथी के साथ अन्य दवाओं के साथ प्रयोग में लाई जाएगी। इससे बाकी स्थानों पर मरीजों को बहुत ही अच्छा रिजल्ट मिला है।
एम्स के डायरेक्टर डॉ. नीतिन एम नागरकर ने बताया कि इस केंद्र के खुलने से मरीज़ों को राहत मिलेगी। इन केंद्रों के खुलने से योग और अन्य एलोपैथी चिकित्सा पद्धतियों को संयुक्त रूप से प्रयोग कर रोगियों को कम से कम दवाइयों में अधिक से अधिक आराम देने की कोशिश होगी। इन सेंटर में जीवन शैली की गंभीर बीमारियों को ठीक किया जा सकेगा। इसके साथ साथ आयुष के लिए डेटा और रिसर्च का काम भी इस सेंटर में होगा। उन्होंने बताया कि यूरोप और चीन में वहां की स्थानीय चिकित्सा पद्धतियों का इस्तेमाल एलोपैथी के साथ ही किया जाता है। इससे वहां बहुत अच्छे रिजल्ट्स मिले हैं। भारत में भी इसी तरह की कोशिशें शुरु हुई हैं।
