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Ashwagandha के स्वास्थ्य पर असर को लेकर प्लांट बोर्ड चला रहा है विशेष अभियान

National Compaign on Ashwagandha-A Health Promotor organized on by Sai Radha Krishna Educational Society (SRKES), Tirupati

National Compaign on Ashwagandha-A Health Promotor organized on by Sai Radha Krishna Educational Society (SRKES), Tirupati

Health benifits of Ashwagandha: आयुर्वेदिक औषधी अश्वगंधा (Ayurvedic medicine Ashwagandha) के गुणों को लोगों तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय औषधी प्लांट बोर्ड (National Medicinal Plant Board) एक विशेष अभियान चलाए हुए है, जिसमें वो राज्यों के औषधीय प्लांट बोर्ड और अन्य संगठनों से मिलकर अश्वगंधा को लेकर वहां कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इन कार्यक्रमों में आम लोगों के अलावा किसान संगठनों (farmer organizations) को भी बुलाया जा रहा है ताकि किसान भी इसकी खेती करें। दरअसल अश्वगंधा की मांग बाज़ार में बहुत ज्यादा है, जबकि इसकी खेती में बहुत ज्य़ादा बढ़ोतरी फिलहाल नहीं हो रही है, इसलिए किसानों को भी इस अभियान में शामिल किया जा रहा है।

हाल ही में इसी अभियान के तहत आंध्रप्रदेश के तिरुपति में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बोर्ड के अश्वगंधा रिसर्च अधिकारी जितेंद्र कुमार वैश्य ने भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में अश्वगंधा के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर के बारे में लोगों को बताया। अश्वगंधा का नाम ही इसके प्रमुख गुण को दर्शाता है। इसका मतलब होता है कि अश्व की गंध यानि इसको खाने से घोड़े की तरह शक्ति मिलती है। कार्यक्रम में आए किसानों को इसमें अश्वगंधा की मार्केटिंग के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही किसान किस तरह से इसकी उपज में वैल्यू एडिशन कर उससे ज्य़ादा कमाई कर सकते हैं, इसकी जानकारी भी ली गई। इस कार्यक्रम में आए लोगों को अश्वगंधा और अन्य औषधीय प्लांट्स के जरिए अपना कारोबार खड़ा करने के बारे में भी जानकारी दी गई।

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