जयपुर, 9 फरवरी 2026। देश के प्रमुख आयुर्वेदिक संस्थान राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर ने आज अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती समारोह भव्य रूप से मनाया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव, तथा राजस्थान के उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री प्रेम चंद बैरवा ने शिरकत की।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि NIA भारत की प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच एक जीवंत सेतु है। उन्होंने कहा कि 50 वर्षों की यह यात्रा केवल समय की उपलब्धि नहीं, बल्कि शोध, सेवा और जनस्वास्थ्य के प्रति समर्पण की कहानी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान औषधीय वनस्पतियों और पारंपरिक ज्ञान से समृद्ध राज्य है और राज्य सरकार आयुष प्रणालियों को मुख्यधारा की स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने NIA को देश के अग्रणी आयुर्वेदिक शिक्षण, अनुसंधान और रोगी सेवा संस्थान के रूप में सराहते हुए इसके भविष्य के विस्तार और बुनियादी ढांचे के विकास में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की 50 वर्षीय यात्रा आयुर्वेदाचार्यों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं की निष्ठा और साधना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य आयुष संस्थानों को मजबूत कर देश को वैश्विक समग्र स्वास्थ्य (Holistic Wellness) केंद्र बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुष को वैज्ञानिक, प्रमाण-आधारित और वैश्विक रूप से स्वीकार्य चिकित्सा प्रणाली के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
जाधव ने “हील इन इंडिया” विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि NIA जैसे संस्थान अंतरराष्ट्रीय सहयोग, डिजिटल हेल्थ और उन्नत शोध के माध्यम से वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान मजबूत कर रहे हैं।
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री एवं आयुष मंत्री प्रेम चंद बैरवा ने कहा कि NIA का स्वर्ण जयंती समारोह राजस्थान और देश दोनों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि 1976 में एक आयुर्वेद कॉलेज के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान आज भारत का पहला आयुर्वेद डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी बन चुका है।
स्वर्ण जयंती के अवसर पर कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। इनमें धन्वंतरि उपवन (औषधीय पौधों का उद्यान), एडवांस्ड सिमुलेशन लैब, नया ऑपरेशन थिएटर ब्लॉक, तथा नया ओपीडी ब्लॉक ‘सुश्रुत भवन’ शामिल हैं, जिससे शिक्षा, शोध और रोगी देखभाल को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही NIA पॉडकास्ट स्टूडियो से पहला आधिकारिक पॉडकास्ट भी रिकॉर्ड किया गया, जिससे डिजिटल आउटरीच को बढ़ावा मिलेगा।
स्वर्ण जयंती समारोह ने यह स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान जयपुर न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और रोगी सेवा का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।




