Ayurveda and food: कितना खाना है जरुरी?

आयुर्वेद में भोजन को केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि शरीर और मन को स्वस्थ रखने का प्रमुख आधार माना गया है। आयुर्वेदाचार्यों के अनुसार, सही भोजन के साथ उसकी मात्रा भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। आयुर्वेद में भोजन की मात्रा पाचन अग्नि को मजबूत रखने और शरीर के त्रिदोष – वात, पित्त और कफ – को संतुलित बनाए रखने के आधार पर तय की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जरूरत से ज्यादा भोजन करने से अपच, गैस, मोटापा और कई अन्य बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं।
आयुर्वेद के महान ग्रंथ चरक संहिता में भोजन करने का एक महत्वपूर्ण नियम बताया गया है। इसके अनुसार, व्यक्ति को अपने पेट को तीन समान भागों में विभाजित करके भोजन करना चाहिए। पहला भाग ठोस भोजन से भरा जाना चाहिए, जिसमें अनाज, दाल, सब्जियां और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं। यह शरीर को आवश्यक ऊर्जा और पोषण प्रदान करता है।
दूसरा भाग तरल पदार्थों के लिए रखा जाता है। इसमें पानी, छाछ, सूप या अन्य हल्के पेय पदार्थ शामिल किए जा सकते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, भोजन के साथ उचित मात्रा में तरल पदार्थ लेने से पाचन प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती है और भोजन को पचाने में सहायता मिलती है। हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भोजन के दौरान अत्यधिक पानी पीने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन अग्नि कमजोर हो सकती है।
तीसरा भाग खाली छोड़ने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेदाचार्यों का मानना है कि पेट का यह खाली स्थान पाचन प्रक्रिया को सही ढंग से संचालित करने के लिए जरूरी होता है। यदि व्यक्ति पेट पूरी तरह भर लेता है, तो भोजन के पाचन में बाधा उत्पन्न हो सकती है और गैस, एसिडिटी तथा भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए सीमित मात्रा में भोजन करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक माना गया है।
आयुर्वेद में यह भी बताया गया है कि भोजन हमेशा भूख लगने पर ही करना चाहिए। बिना भूख के भोजन करने से पाचन अग्नि कमजोर हो सकती है और शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं। इसके अलावा भोजन को धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाने की भी सलाह दी जाती है, जिससे भोजन आसानी से पचता है और पोषक तत्वों का सही अवशोषण होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन करते समय मानसिक स्थिति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। तनाव, क्रोध या चिंता की स्थिति में भोजन करने से पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। इसलिए आयुर्वेद में शांत वातावरण में और ध्यानपूर्वक भोजन करने की परंपरा बताई गई है।
आधुनिक जीवनशैली में फास्ट फूड और अनियमित खानपान की आदतें बढ़ने के कारण पाचन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में आयुर्वेद के ये पारंपरिक नियम लोगों को संतुलित और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति अलग होती है, इसलिए भोजन की मात्रा और प्रकार का चयन व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार होना चाहिए। किसी भी गंभीर पाचन समस्या की स्थिति में आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। संतुलित मात्रा में भोजन और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर लंबे समय तक स्वस्थ रहा जा सकता है।

Ayurved Indian Bureau

Ayurved Indian Bureau is a collective of journalists dedicated to gathering news and insights related to the Ayurveda sector. The team covers developments across the Ayurvedic industry, practitioners (Vaidyas), educational institutions, and patient communities, contributing well-researched and relevant content for the website.

Related Posts

Yoga for Mental Well-being

The Ministry of Ayush promotes yoga, mindful breathing and meditation through #AyushForMentalHealth to support mental well-being ahead of World Mental Health Day. New Delhi: The Ministry of Ayush is highlighting…

Navratri Fasting Benefits: What Ayurveda Says About Health

Discover how Navratri fasting relates to Ayurvedic principles of Agni, mindful eating and digestion, along with practical tips for a healthy and balanced fast. New Delhi: Navratri is one of…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

Yoga for Mental Well-being

  • By एसk
  • October 13, 2026
  • 61 views
Yoga for Mental Well-being

Navratri Fasting Benefits: What Ayurveda Says About Health

Navratri Fasting Benefits: What Ayurveda Says About Health

Pitru Paksha and Mental Peace: What Ayurveda Says About Ancestral Rituals

Pitru Paksha and Mental Peace: What Ayurveda Says About Ancestral Rituals

Ayurveda Day 2026: India Expands Ayush Healthcare Network with 12,260 Ayushman Arogya Mandirs

Ayurveda Day 2026: India Expands Ayush Healthcare Network with 12,260 Ayushman Arogya Mandirs

Ayurveda Day 2026: Healthy Food Combinations for Better Digestion

Ayurveda Day 2026: Healthy Food Combinations for Better Digestion

BRICS New Delhi Declaration Recognises Traditional Medicine for UHC

  • By एसk
  • September 15, 2026
  • 90 views
BRICS New Delhi Declaration Recognises Traditional Medicine for UHC