AIIA-iCAINE partners with DSRRAU Jodhpur to strengthen Ayurveda innovation, research, and entrepreneurship ecosystem with incubation, mentorship, and startup support.
आयुर्वेद क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा देने के लिए All India Institute of Ayurveda के इन्क्यूबेशन सेंटर iCAINE और Dr. Sarvepalli Radhakrishnan Rajasthan Ayurved University (DSRRAU), जोधपुर के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है।
यह समझौता 27 अप्रैल 2026 को जोधपुर स्थित विश्वविद्यालय परिसर में हस्ताक्षरित किया गया, जिसका उद्देश्य आयुर्वेद शिक्षा, रिसर्च, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
क्या है इस साझेदारी का उद्देश्य?
इस समझौते के तहत आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ते हुए इनोवेशन आधारित समाधान और मार्केट-रेडी प्रोडक्ट्स विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
AIIA के निदेशक प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति के अनुसार, यह पहल आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।
छात्रों और शोधार्थियों को क्या मिलेगा फायदा?
इस MoU के तहत DSRRAU के छात्रों, शोधार्थियों और फैकल्टी को कई नई सुविधाएं मिलेंगी, जैसे:
- मेंटरशिप और एक्सपर्ट गाइडेंस
- स्टार्टअप और इनोवेशन ट्रेनिंग
- आइडिया पिचिंग कैंप और इनोवेशन चैलेंज
- इंडस्ट्री एक्सपोजर और नेटवर्किंग
- प्री-इन्क्यूबेशन और इन्क्यूबेशन सपोर्ट
यह पहल छात्रों को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें उद्यमी बनने का अवसर भी देगी।
आयुर्वेद को ग्लोबल बनाने की दिशा में कदम
DSRRAU के कुलपति प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ला ने कहा कि यह साझेदारी विश्वविद्यालय के विजन “Blending Tradition with Innovation for Global Wellness” को साकार करेगी।
साथ ही, यह पहल Ministry of Ayush के उस लक्ष्य को भी मजबूत करेगी, जिसमें आयुर्वेद को ग्लोबल हेल्थ सिस्टम का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
3 साल का समझौता, बड़ा असर
यह MoU शुरुआती तौर पर 3 वर्षों के लिए किया गया है, जिसमें संयुक्त रूप से:
- इनोवेशन प्रोग्राम्स
- स्टार्टअप सपोर्ट
- इंडस्ट्री-एकेडमिक सहयोग
- रिसर्च और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट
को बढ़ावा दिया जाएगा।
यह पहल भारत के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक बाजार के साथ जोड़कर आयुर्वेद आधारित स्टार्टअप्स के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करेगी।




