IT में काम करने वाले दोस्तों ने उतारी ऐसेंशियल ऑयल की रेंज

Prakriti Farms Limited launches its ‘Sicana’ essential oil range including lemongrass, eucalyptus, palmarosa, and citronella oils. Founded by IT professionals Rajneesh Verma, Shailendra Singh, Seema Kaul, and Surya Kumar, the Ayurvedic-inspired oils are known for supporting immunity, respiratory health, cold relief, and mental wellness.

नई दिल्ली। प्रकृतिक फार्मस लिमिटेड ने सिकाना नाम से ऐसेंशियल ऑयल की रेंज बाज़ार में उतारी है, इन ऑयल में लेमन ग्रास, यूकिलिप्टस ऑयल, पामरोसा और सिटरोनेला ऑयल शामिल हैं। आईटी क्षेत्र में काम करने वाले रजनीश वर्मा,शैलेंद्र सिंह, सीमा कौल और सूर्या कुमार ने खेती से जुड़ा हुआ नया कुछ करने के लिए इस क्षेत्र में कदम रखा है। आयुर्वेद के मुताबिक, यह ऑयल कई बीमारियों में ख़ासे लाभकारी है। यह ऑयल सर्दी-जुकाम, सांस से संबंधित बीमारियों के साथ साथ इम्यूनिटी और मानसिक शांत में भी कारगर होते हैं।
Essential ऑयल आमतौर पर पौधों से प्राप्त तेलों और अर्कों का मिश्रण माना जाता है, जिसका उद्देश्य प्राकृतिक तरीके से स्वास्थ्य-समर्थन प्रदान करना है. ऐसे एसेंशियल तेलों को आयुर्वेदिक उत्पादन के रूप में भी वर्गीकृत किया जाता है, क्योंकि आयुर्वेद में वनस्पति-आधारित अर्कों का उपयोग सदियों से लोगों की स्वास्थ्य देखभाल में होता आया है।

आयुर्वेदिक फायदे

श्वसन प्रणाली का समर्थन
आयुर्वेदिक सिद्धांतों में कुछ तेल नाक, फेफड़ों और गले के मार्ग को शांत करने में मदद करते हैं। इस तरह के तेलों का सांस द्वारा अवशोषण श्वसन मार्ग को मुक्त करने, बलगम को पतला करने और आराम देने में कारगर माना जाता है।

नाक और साइनस का संतुलन
‘नस्य’ नामक आयुर्वेदिक उपचार में यूकिलिप्टस तेल का उपयोग नाक के मार्ग को चिकना और साफ़ रखने के लिए किया जाता है, जिससे सांस लेना सहज होता है और प्रतिरोधक क्षमता में भी मदद मिलती है।

प्रतिरक्षा क्षमता में सहायक
कई एसेंशियल तेलों में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की बाहरी संक्रमण प्रतिक्रियाओं को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं।

ऑयली स्किन में फायदेमंद – आयुर्वेद के अनुसार यह कफ दोष को संतुलित करता है, जिससे त्वचा की अतिरिक्त तैलीयता कम हो सकती है।
एक्ने और पिंपल्स में सहायक – इसके एंटी-माइक्रोबियल गुण त्वचा की अशुद्धियों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
स्किन टोनिंग – यह त्वचा को टाइट और फ्रेश महसूस कराने में सहायक माना जाता है।

सुखदायक सुगंध और तनाव राहत
आयुर्वेद में सुगंध को भी मानसिक संतुलन और ताजगी के लिए उपयोगी माना जाता है, जिससे तनाव कम करने और नींद को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।

उपयोग के तरीके

इन तेलों को भाप के साथ सुंघना या रूम डिफ्यूज़र में मिलाकर इस्तेमाल करने से एसेंशियल ऑयल का फायदा लिया जा सकता है।

कुछ लोग इसे नाक के आसपास हल्की मालिश या नस्य प्रकार की पद्धति में भी इस्तेमाल करते हैं।

विशेषज्ञ सलाह ज़रूरी

आयुर्वेदिक और प्राकृतिक रूप से तैयार उत्पादों के फायदे हैं, लेकिन गर्भवती महिलाएँ, बच्चे या एलर्जी से प्रभावित लोग इसका उपयोग करने से पहले आयुर्वेदाचार्य/चिकित्सक से सलाह लें।

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