Ayurveda treatment is now available under cashless health insurance. Learn how this initiative makes Ayurvedic healthcare more accessible and affordable.
भारत में आयुर्वेदिक चिकित्सा को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। All India Institute of Ayurveda (AIIA) ने General Insurance Council के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है, जिसके बाद अब आयुर्वेदिक इलाज कैशलेस सुविधा के तहत उपलब्ध होगा।
यह पहल Ministry of Ayush के आयुष पद्धति को आधुनिक स्वास्थ्य बीमा के साथ जोड़ने की कोशिश के तहत यह कदम उठाया गया है। इस समझौते के तहत देश की 30 से अधिक सामान्य बीमा कंपनियां आयुर्वेदिक अस्पतालों में भर्ती मरीजों को कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान करेंगी।
क्या बदलेगा इस फैसले से?
अब यदि कोई मरीज हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर है और AIIA या संबंधित नेटवर्क अस्पताल में आयुर्वेदिक उपचार कराता है, तो उसे इलाज के दौरान अस्पताल में सीधे भुगतान नहीं करना होगा। बीमा कंपनी अस्पताल को सीधे भुगतान करेगी, जिससे मरीजों पर तत्काल आर्थिक बोझ कम होगा।
आयुर्वेद के लिए क्यों है ऐतिहासिक कदम?
अब तक कई मामलों में आयुर्वेदिक इलाज के लिए मरीजों को पहले भुगतान करना पड़ता था और बाद में क्लेम करना होता था। कैशलेस सुविधा लागू होने से आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा और अधिक लोग पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धति को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
इस मौके पर All India Institute of Ayurveda (AIIA) के निदेशक वैद्य पी के प्रजापति ने बताया कि इस समझौते के बाद सभी 32 जनरल इंश्योरेंस कंपनियां आयुर्वेद के संबंधित अस्पतालों में कैशलैस सुविधा देंगी। लंबे समय से आयुर्वेद के लिए इस सुविधा की कोशिशें चल रही थी। जानकारों का मानना है कि यह निर्णय आयुर्वेद को न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी मजबूत पहचान दिलाने में सहायक होगा। इससे आयुष सेक्टर में निवेश और विश्वास दोनों बढ़ेंगे।
इससे क्या होगा फायदा
मरीजों की संख्या में वृद्धि
पहले कई लोग आयुर्वेदिक इलाज इसलिए नहीं चुनते थे क्योंकि उन्हें अस्पताल में भर्ती के समय पूरा भुगतान खुद करना पड़ता था। कैशलेस सुविधा से आर्थिक बाधा कम होगी और अधिक मरीज आयुर्वेद को अपनाएंगे।
आयुर्वेद की मुख्यधारा में मजबूती
जब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां आयुर्वेदिक उपचार को कवर करती हैं, तो यह संकेत देता है कि यह पद्धति विश्वसनीय और मान्यता प्राप्त है। इससे आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में बराबरी का दर्जा मिलेगा।
अस्पतालों और चिकित्सकों को लाभ
नेटवर्क अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने से आयुर्वेदिक अस्पतालों की आय और स्थिरता बढ़ेगी। इससे नए अस्पताल, रिसर्च और आधुनिक सुविधाओं में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
पारदर्शिता और मानकीकरण
बीमा कंपनियों के साथ जुड़ने से उपचार प्रक्रिया, पैकेज दरें और दस्तावेज़ीकरण अधिक व्यवस्थित होंगे। इससे आयुर्वेद में मानकीकरण (Standardization) और गुणवत्ता नियंत्रण बेहतर होगा।
वैश्विक पहचान में वृद्धि
जब आयुर्वेद बीमा प्रणाली से जुड़ता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विश्वसनीयता बढ़ाता है। इससे मेडिकल टूरिज्म और आयुष सेक्टर के निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है।
मरीजों पर आर्थिक बोझ कम
सबसे बड़ा लाभ यह है कि मरीजों को तुरंत बड़ी राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी। बीमा कंपनी सीधे अस्पताल को भुगतान करेगी, जिससे इलाज आसान और सुलभ बनेगा।




