Constipation: डायइबिटिज एक ऐसी बीमारी है, जोकि कहा जाता है जीवन भर की बीमारी है। लेकिन इस बीमारी को आयुर्वेद में पेट से संबंधित बीमारी माना गया है। मशहूर वैद्य डॉ मदन गोपाल वाजपेयी ने बताया कि, सभी रोगों का एक मूल कारण है मल, मल एकत्र होने से जो टॉक्सिक प्रोडक्ट शरीर में बनते हैं, उनसे शरीर की बीमारियां बढ़ती है, क्योंकि शरीर की इम्यूनिटी इस टॉक्सिक की वजह से कम होने लगती है। इसलिए आयुर्वेद में हमेशा खानपान पर विशेष जोर रहता है। अगर आप ठीक प्रकार का खानपान रखेंगे तो आपको बीमारियां नहीं होंगी। सबसे महत्वपूर्ण है आपका पेट साफ रखना।
अगर आपका पेट साफ नहीं है तो सबसे पहले जो बीमारी आपको आती है, वो है डाइबिटिज, ये बीमारी ऐसी है जोकि सिर्फ खाने पीने से जुड़ी हुई है। चुंकि आप बाज़ार का बहुत खाते हैं, चटपटा खाते हैं और तलभुना भी खाते हैं। लिहाजा आपका पेट खराब होता ही है। इसलिए आप धीरे धीरे डाइबिटिज की गिरफ्त में आ जाते हैं।
बीएचयू की रिसर्चर डॉ. भाष्वती के मुताबिक, हमने ऑब्जर्व किया है कि जिन जिन लोगों को पंचकर्मा हुआ, उन लोगों को कोरोना नहीं हुआ, क्योंकि पेट साफ था। जिनका पेट साफ नहीं होता, उनकी इम्यूनिटी अक्सर कमज़ोर ही रहती है।
Healthy Child Development in Ayurveda: शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल
Healthy Child Development in Ayurveda: आधुनिक जीवनशैली और बदलती खानपान आदतों के बीच बच्चों के स्वास्थ्य और विकास को लेकर माता-पिता की चिंता लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में…






