Union Ayush Minister Prataprao Jadhav on Saturday inaugurated the renovated co-location centre of the Regional Research Institute of Unani Medicine (RRIUM) at Sir JJ Hospital and presided over the Unani Day 2026 celebrations in Mumbai, underscoring the government’s commitment to strengthening evidence-based traditional healthcare systems.
केंद्रीय आयुष मंत्री Prataprao Jadhav ने शनिवार को सर जे.जे. अस्पताल, मुंबई में केंद्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान परिषद (CCRUM) के क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान (RRIUM) के नवीनीकृत को-लोकेशन केंद्र का उद्घाटन किया तथा यूनानी दिवस 2026 समारोह की अध्यक्षता की।
इस अवसर पर जाधव ने कहा कि Innovation और Evidence ही यूनानी चिकित्सा के अगले युग की आधारशिला होंगे। उन्होंने कहा, “हम सार्वजनिक स्वास्थ्य, रोग-निवारण और दीर्घकालिक बीमारियों के प्रबंधन में यूनानी चिकित्सा के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार कर रहे हैं। अनुसंधान, शिक्षा और उपचार सेवाओं के एकीकरण से यूनानी चिकित्सा को आधुनिक और विश्वसनीय स्वरूप मिलेगा।”
नवीनीकृत केंद्र को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, जिससे साक्ष्य-आधारित शोध को बढ़ावा मिलेगा और एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। सर जे.जे. अस्पताल में स्थापित यह को-लोकेशन मॉडल यूनानी चिकित्सा और एलोपैथी के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करेगा, जिससे मरीजों को समग्र और बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा।
महाराष्ट्र के सहकार मंत्री Babasaheb Patil ने कहा कि यूनानी चिकित्सा आम लोगों के लिए किफायती और प्रभावी उपचार प्रदान करती है। “महाराष्ट्र सरकार यूनानी चिकित्सा के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर समर्थन देती रहेगी,” उन्होंने कहा।
आयुष मंत्रालय के सचिव Vaidya Rajesh Kotecha ने कहा कि यूनानी चिकित्सा अब आधुनिक, साक्ष्य-आधारित और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित हो रही है। उन्होंने शोध, डिजिटलीकरण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को इसकी वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमुख आधार बताया।
नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (NCISM) की अध्यक्ष डॉ. Maneesha V. Kothekar ने कहा कि यूनानी चिकित्सा भारत की ‘एकता में विविधता’ की भावना को दर्शाती है और यह विभिन्न परंपराओं के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यूनानी दिवस 2026 के अवसर पर देशभर से आए शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने यूनानी चिकित्सा में नवाचार, मानकीकरण और वैश्विक विस्तार पर विचार-विमर्श किया। विशेषज्ञों का मानना है कि मुंबई स्थित यह नवीनीकृत अनुसंधान केंद्र साक्ष्य-आधारित शोध और एकीकृत स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




