Treatment of Incurable disease in Ayurveda: दुनियाभर में आयुर्वेद को लेकर जिज्ञासा लगातार बढ़ रही है। हालत ये है कि जापान ने अपने यहां गंभीर बिमारियों से परेशान लोगों के एक समुह का इलाज आयुर्वेद से कराने का फैसला किया है। वहां गंभीर बीमारियों से परेशान लोगों के एक समूह का इलाज़ फिलहाल भारत के आयुर्वेदाचार्य करेंगे। भगवान धंवंतरि के जन्मदिन पर आईएमए आयुष के एक कार्यक्रम में बोलते हुए ये जानकारी जीवा आयुर्वेद के प्रमुख डॉ. प्रताप चौहान ने दी।
डॉ. चौहान के मुताबिक जापान में कुछ मरीज लाइलाज बीमारियों से परेशान थे। फिर हमारे साथ कुछ चर्चा हुई तो हमने कहा कि इन मरीजों का इलाज हम कर देते हैं। वो इसपर तैयार हो गए और एक ऐसा प्रोग्राम तैयार किया गया, जिसमें हम इन मरीजों का इलाज करें और इनका पूरी मॉनिटरिंग वहां होती रहेगी। इस कार्यक्रम में ये मरीज भारत भी आ सकते हैं या फिर इनको टेलीमॉनिटरिंग के जरिए भी इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ये हमारा एक ऐसा प्रोग्राम है, जोकि पूरी दुनिया में चलाया जाएगा। इन मरीजों का पूरे डेटा का अनालिसस लगातार चलता रहेगा। ताकि दुनिया के बाकी देशों को भी ये डेटा दिखाया जा सके।
दरअसल आयुर्वेद के 5000 हज़ार साल पुराने ज्ञान को नए सिरे से स्थापित करने की कोशिशों में जिन लाइलाज बीमारियों का इलाज आयुर्वेद में संभव है, उनका डेटा अब इक्कठा किया जा रहा है। ताकि उसके आधार पर दुनियाभर में आयुर्वेद से इलाज किया जाए।
International मंच पर पारंपरिक चिकित्सा की डिप्लोमेसी
AYUSH Joint Secretary Monalisa Das represented India at an international traditional medicine conference in Iceland, highlighting Ayurveda, Yoga, and holistic healthcare while exploring global collaborations. भारत सरकार के आयुष मंत्रालय…





