AYUSH Joint Secretary Monalisa Das represented India at an international traditional medicine conference in Iceland, highlighting Ayurveda, Yoga, and holistic healthcare while exploring global collaborations.
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी Monalisa Das ने Iceland में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेकर पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया।
इस सम्मेलन में दुनिया भर से आए विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं ने पारंपरिक चिकित्सा, वेलनेस और समग्र स्वास्थ्य (Holistic Health) के महत्व पर चर्चा की। Monalisa Das ने अपने संबोधन में भारत की समृद्ध आयुष परंपरा—आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी—की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते खतरे के बीच पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां न केवल उपचार, बल्कि रोकथाम (Prevention) में भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
सम्मेलन के दौरान भारत और Iceland के बीच पारंपरिक चिकित्सा, अनुसंधान सहयोग और वेलनेस सेक्टर में साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा, आयुष पद्धतियों के अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण और वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी से भारत की आयुष प्रणाली को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है और हेल्थ डिप्लोमेसी को भी मजबूती मिल रही है।




