Almond use in Ayurveda: भारत में बादाम बहुतायत में खाया जाता है। अक्सर बादाम को ताकत या शक्ति का स्रोत भी कहा जाता है। आयुर्वेद में भी बादाम के बहुत सारे उपयोग हैं। ये आंखों, दिमाग से लेकर शरीर में वीर्य बढ़ाने और अन्य कमज़ोरियों में भी उपयोगी बताया गया है।
दुनिया में सबसे ज्य़ादा बादाम का उत्पादन अमेरिका का कैलिफोर्निया में होता है। लेकिन ये ईरान, अफगानिस्तान और भारत में पैदा होता है। भारत में बादाम कश्मीर में पैदा होता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर ऑफ बायोटेक्नोलॉजी इंफार्मेशन) और यूएसडीए (यूएस डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर) के अनुसार,बादाम की सौ ग्राम मात्रा में 269 मिलीग्राम कैल्शियम, 3.71 मिलीग्राम आयरन और 25.63 मिलीग्राम विटामिन-ई भी पाया जाता है। इसके साथ साथ इसमें बहुत सारे अन्य मिनिरल भी पाए जाते हैं। लेकिन मार्डन साइंस के बादाम की विशेषताएं बताने से सैकड़ों सालों पहले आयुर्वेद में बादाम के इन्हीं गुणों के कारण इन्हें शक्ति का ख़जाना कहा गया है। बहुत सारी दवाओं के तौर पर बादाम का उपायोग किया जाता है।
आयुर्वेद में बादाम को “वातादमज्जा मधुरो वृष्ण:” कहा गया है। यानि बादाम खाने में मीठा है और शरीर में पोषक तत्वों को बढ़ाने वाला है और शक्ति बढ़ाता है।
बच्चों को ताकत की जरुरत होती है। इसलिए आयुर्वेद में बच्चों को एक बादाम की गिरी भिगोकर अगले दिन सुबह दूध के साथ देने के लिए कहा जाता है। इससे बच्चों को होने वाली बहुत सी परेशानियां दूर रहती है। बादाम दिमागी परेशानियों को दूर करने और यारदाश्त बढ़ाने में भी बहुत मदद करता है। इसको भिगोकर लगातार दूध के साथ खाने से दिमाग की ताकत बढ़ती है।
Ayurveda Aahara के लिए नियम लाएगा FSSAI
Discover how India’s “Ayurveda Aahara” initiative by FSSAI and Ministry of Ayush is standardizing traditional dietary knowledge with modern food safety for a healthier future. भारत के पारंपरिक और आयुर्वेदिक…






