Kidney stone study in Ayurveda: किडनी स्टोन (पथरी) के मरीजों के लिए एक बहुत ही बड़ी खुशखबरी है, पथरी को लेकर आयुर्वेद (Kidney stone study in Ayurveda) में एक स्टडी में पाया गया है कि पाटला खसारा और गोक्षुरादी चुर्ण पथरी में बहुत ही उपयोगी है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (NIA) के जर्नल ऑफ आयुर्वेद (Journal of Ayurved) में किडनी स्टोन के इलाज पर एक स्टडी छपी है। जिसके मुताबिक इन दोनों दवाओं के इस्तेमाल से किडनी की बीमारी में बहुत ज्यादा फायदा मरीजों को हुआ है। इस स्टडी को आयुर्वेद के पांच विशेषज्ञों ने किया है। इसमें रबिंद्रनारायण, शानू के बाबू, पीएन राजेश्वरी, साहित्य राज और प्रदर्शनी ओटा शामिल हैं।
आयुर्वेद के इन विशेषज्ञों ने 30 लोगों के एक बैच पर यह स्टडी की थी। जिसमें उन लोगों को ही लिया गया था, जिनके अल्ट्रासाउंड में 8एमएम साइज की पथरी इन लोगों को थी। इन लोगों खाने के बाद पटाला खसारा के 500 एमजी कैप्सूल गुनगुने पानी के साथ दिए गए, साथ ही 6 ग्राम गोक्षुरादि चुर्ण शहद के साथ लगातार 30 दिनों तक दिन में दो बार दिया गया। इसके बाद 15वें दिन, 30वें दिन और 60वें दिन इन लोगों की जांच की गई। इसमें पथरी के कारण होने वाले दर्द, पेशाब में जलन और पथरियों की संख्या के आधार पर जांच की गई। इस क्लिनिकल ट्रायल में पाया गया कि इन दोनों दवाओं को देने के बाद मरीजों की ना सिर्फ पथरी का आकार काफी कम हो गया, बल्कि पथरी की संख्या भी काफी कम हो गई और मरीज के दर्द में भी आश्चर्यजनक रूप से कमी आई।
इस ट्रायल के मुताबिक पथरी का बिना ऑपरेशन और कम खर्चे में आयुर्वेद से आसानी से इलाज किया जा सकता है और ये दवाएं इसमें काफी उपयोगी है।
AIIA GOA में Ayurveda से इलाज के लिए बेहतर हुई सुविधाएं
AIIA Goa inaugurated new Ayurvedic healthcare facilities on International Women’s Day. Goa CM Pramod Sawant also announced campus expansion for a Cancer Research Centre, research labs, and pharmacy to strengthen…





