PM Modi का आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर क्या है विजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ जोड़कर वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति लाई जा सकती है। उनका विजन आयुर्वेद को वैज्ञानिक, आधुनिक और विश्व स्तर पर स्वीकार्य चिकित्सा प्रणाली के रूप में विकसित करना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा है कि बदलते समय के साथ आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि परंपरागत ज्ञान और नई तकनीक का संगम वैश्विक स्वास्थ्य प्रणाली को नई दिशा दे सकता है।

प्रधानमंत्री ने हाल ही में अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन और समृद्ध चिकित्सा पद्धति है, जिसे आधुनिक शोध, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीकों के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई के उपयोग से आयुर्वेदिक दवाओं के शोध, निदान और उपचार पद्धतियों को वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित करने में मदद मिलेगी।

आयुर्वेद और टेक्नोलॉजी का संगम

पीएम मोदी ने कहा कि “परंपरा और तकनीक का मेल वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकता है।” उन्होंने यह भी बताया कि दुनिया भर में प्राकृतिक और समग्र चिकित्सा पद्धतियों की मांग तेजी से बढ़ रही है और भारत इस क्षेत्र में नेतृत्व कर सकता है।

सरकार भी आयुर्वेद को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। इसी कड़ी में पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए डिजिटल लाइब्रेरी और शोध मंच विकसित किए जा रहे हैं, जिससे आयुर्वेद, योग और अन्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।

एआई से औषधीय पौधों और रिसर्च को मिलेगा लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि एआई तकनीक औषधीय पौधों की गुणवत्ता जांच, पहचान और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे किसानों, शोध संस्थानों और आयुर्वेदिक उद्योग को भी फायदा मिलेगा।

वैश्विक स्वास्थ्य में भारत की भूमिका

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुर्वेद केवल उपचार की पद्धति नहीं बल्कि जीवनशैली और संतुलित स्वास्थ्य का दर्शन है। उन्होंने वैश्विक मंचों पर भी पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि भारत दुनिया को समग्र स्वास्थ्य मॉडल प्रदान कर सकता है।

Related Posts

NIA के 50 साल: भारत बनेगा दुनिया का होलिस्टिक हेल्थ सेंटर

जयपुर, 9 फरवरी 2026। देश के प्रमुख आयुर्वेदिक संस्थान राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर ने आज अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती समारोह भव्य रूप से…

आयुर्वेद में बच्चों का विकास: जानिए समग्र पालन-पोषण के प्राचीन और वैज्ञानिक तरीके

AyurvedIndian.com Special | Child Development in Ayurvedaभारतीय शास्त्र और आयुर्वेद में बच्चों के विकास को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। प्राचीन ग्रंथों में बच्चों के पालन-पोषण को केवल शारीरिक वृद्धि…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

NIA के 50 साल: भारत बनेगा दुनिया का होलिस्टिक हेल्थ सेंटर

NIA के 50 साल: भारत बनेगा दुनिया का होलिस्टिक हेल्थ सेंटर

PM Modi का आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर क्या है विजन

  • By एसk
  • February 9, 2026
  • 50 views
PM Modi का आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर क्या है विजन

आयुर्वेद में बच्चों का विकास: जानिए समग्र पालन-पोषण के प्राचीन और वैज्ञानिक तरीके

आयुर्वेद में बच्चों का विकास: जानिए समग्र पालन-पोषण के प्राचीन और वैज्ञानिक तरीके

स्वप्नदोष (Nightfall) क्या है? कारण, लक्षण और प्राकृतिक उपचार

स्वप्नदोष (Nightfall) क्या है?  कारण, लक्षण और प्राकृतिक उपचार

Ayurveda and food: कितना खाना है जरुरी?

Ayurveda and food: कितना खाना है जरुरी?

Healthy Child Development in Ayurveda: शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल

  • By एसk
  • February 5, 2026
  • 108 views
Healthy Child Development in Ayurveda: शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल