Benefits of Guava: पेट और स्किन के लिए अमृत समान है अमरूद

Benefits of Guava: आप सभी ने अमरूद के बारे में तो सुना ही होगा, ये एक ऐसा फल है, जिसको आयुर्वेद में पेट के लिए अमृत समान माना गया है। अमरूद से ना सिर्फ पाचन तंत्र तंदरुस्त होता है, बल्कि ये खूबसूरती बढ़ाने में भी बहुत योगदान देता है, यानि इससे आपके चेहरे पर चमक आती है, त्वचा जवां बनी रहती है। अमरूद ऐसा फल है जोकि साल में दो बार आता है। एक बार बारिश के मौसम में और दूसरा सर्दी में। हर सीजन में कोशिश होनी चाहिए कि कम से कम एक अमरूद रोज़ खाएं।
अमरूद आपके पेट को साफ कर आंतों को ताकतवर बनाता है। इससे आपकी आंतों की खाने बेहतर तरीके से सोखने की क्षमता बढ़ती है और इसकी वजह से चेहरे की चमक बढ़ती है।
अमरूद का सिर्फ फल ही नहीं, बल्कि इसकी पत्तियां भी त्वचा की चमक बढ़ाने में बहुत काम आती हैं। इसकी पत्तियों का अर्क निकाले और फिर त्वचा पर लगाने से ऐक्ने, पिंपल, रैशेज जैसी कई परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है। ये ऐसा पेड़ है जोकि आपकी त्वचा को जवां बनाए रखता है। अगर कम उम्र में ही आपकी त्वचा पर झुर्रियां और झाइयां दिखने लगी हैं तो आप अमरूद को अपने रोजाना खाने और स्किन केयर में शामिल कर लें। सिर्फ एक महीने में ही आपकी त्वचा निखरनी शुरु हो जाएगी।

क्यों है अमरूद पेट के लिए अमृत
अगर आप रोज़ अमरूद खाकर आप अपनी त्वचा को बेहतर कर सकते हैं। अमरूद में ऐंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। साथ ही इसमें विटमिन-सी और विटमिन-के भी प्रचूर मात्रा में पाया जाता हैं।
ये दोनों ही ऐंटीऑक्सीडेंट्स हैं, जो आपकी स्किन सेल्स में लचक और चमक को बनाए रखते हैं। इससे आपकी स्किन में ग्लो और टाइटनेस दोनों लंबे समय तक बने रहते हैं।

कब खाएं अमरूद
अमरूद खाने का सबसे बेहतर समय है, नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच का टाइम। चुंकि अमरूद को पचने में काफी समय लगता है, इसलिए शाम 6 बजे के बाद इसको खाने से बचना चाहिए। इसलिए सुबह नाश्ते के दो घंटे बाद और लंच से एक-दो घंटे पहले भी अमरूद खा सकते हैं। शाम चार बजे भी अमरूद आराम से खा सकते हैं।
अमरूद में एंजाइम्स भी बहुत होते हैं। इसलिए ये भूख भी बढ़ाता है। इसका गूदा तो जल्दी पच जाता है। लेकिन इसके बीजों को पचने में काफी टाइम लगता है। इसलिए शाम के बाद अमरूद नहीं खाना चाहिए। नहीं तो आपके पेट दर्द हो सकता है।
आयुर्वेद के मुताबिक माना जाता है कि फल को साबुत ही खाना चाहिए। यानी किसी भी फल को बिना लोहे-स्टील के चाकू से काटे, हाथों से तोड़कर या फोड़कर ही खाना चाहिए।
हालांकि मार्डन युग में ऐसा करने से लोग बचते हैं। इसलिए अमरूद को काटकर भी खाया जा सकता हैं। लेकिन इस पर काला नमक जरूर लगाना चाहिए। इससे अमरुद का पाचन भी सही होगा और अमरूद का स्वाद भी बढ़ जाएगा।


स्किन के लिए रामबाण है अमरूद की पत्तियां
अमरूद की पत्तियां स्किन को जवान रखने और स्किन को सुंदर और स्वस्थ बनाने का काम में बहुत काम आती हैं। अमरूद की पत्तियों का लेप बनाकर उसे त्वचा पर फेस पैक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता हैं। अगर आपके चेहरे पर ऐक्ने, पिंपल या रैशेज हैं तो तो आप अमरूद की पत्तियों का अर्क (रस) निकालें और इसे रुई की मदद से त्वचा पर लगा लें। इससे आपको तुरंत ठंडक मिल जाएगी और आपकी स्किन एकदम साफ और निखरी बन जाएगी।

Related Posts

New Year special-नयें साल में अपनाएं ५ शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां और मसाले

नव वर्ष २०२२ की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ,अगर आप भी नववर्ष में अपनाना चाहते है कुछ बेहतर और प्राकृतिक तो आयुर्वेद इसके लिए एक अच्छा विकल्प है। आयुर्वेद एक पारंपरिक…

A Du==्िनिननई दिल्ली gnfnबरीबरी

D

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

Ayurveda Day 2026: Healthy Food Combinations for Better Digestion

Ayurveda Day 2026: Healthy Food Combinations for Better Digestion

BRICS New Delhi Declaration Recognises Traditional Medicine for UHC

  • By एसk
  • September 15, 2026
  • 45 views
BRICS New Delhi Declaration Recognises Traditional Medicine for UHC

Ayurveda Ecosystem: Research, Education, Standards & Global Growth

Ayurveda Ecosystem: Research, Education, Standards & Global Growth

Kamla Trust Steps Up Relief Efforts for Assam Flood Victims

Kamla Trust Steps Up Relief Efforts for Assam Flood Victims

AIIA New Delhi has launched the six-month Garbhini Mitra course for 2026–27

AIIA New Delhi has launched the six-month Garbhini Mitra course for 2026–27

Ayurveda research के जरिए भारत बनेगा wellness का ग्लोबल हब

Ayurveda research के जरिए भारत बनेगा wellness का ग्लोबल हब