आरोग्य भारती का मुख्य आधार प्रिवेंटिव हेल्थकेयर: डॉ. अशोक वार्ष्णेय

Dr. Ashok Kumar Varshney, National Organizing Secretary of Aarogya Bharti, emphasizes the organization’s commitment to preventive healthcare and holistic well-being based on ‘From Illness to Wellness to Happiness’.

अखिल भारतीय संगठन सचिव, आरोग्य भारती, डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय ने आधुनिक स्वास्थ्य पद्धतियों और संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर एक महत्वपूर्ण वक्तव्य दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विज्ञान और तकनीक के तीव्र विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यवसायीकरण (Commercialization) और व्यावसायिकता (Professionalism) काफी बढ़ गई है, जिससे लोग स्वास्थ्य के प्रति शार्टकट अपनाने लगे हैं।

केवल रोगी चिकित्सा तक सीमित न रहे स्वास्थ्य का दायरा

डॉ. अशोक वार्ष्णेय ने कहा कि आजकल आम व्यक्ति यह सोचता है कि उसका काम केवल मेहनत करना और धन अर्जित करना है। यदि वह बीमार पड़ता है, तो डॉक्टर के पास जाकर दवा ले लेगा। यानी समाज में स्वास्थ्य को केवल ‘रोगी चिकित्सा’ (Symptomatic Treatment) से जोड़कर देखा जा रहा है। व्यक्ति स्वयं को बीमारियों से बचाने या अपने दैनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के बारे में विचार नहीं करता।

होलिस्टिक हेल्थ (Holistic Health) के आयाम

आरोग्य भारती के संगठन सचिव ने होलिस्टिक हेल्थ यानी संपूर्ण स्वास्थ्य की अवधारणा पर बल देते हुए कहा कि इसके कई आयाम हैं:

  1. शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य: स्वास्थ्य का संबंध केवल शरीर से नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के संतुलन से भी है।
  2. प्रकृति के साथ समन्वय: मनुष्य के स्वास्थ्य का गहरा संबंध प्रकृति, वनस्पतियों (Plants) और पशु-पक्षियों (Animals) के साथ बेहतर तालमेल (Collaboration) से है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में इस व्यापक अवधारणा (Holistic Health Concept) के प्रति जागरूकता आना बेहद आवश्यक है।

प्रिवेंटिव आस्पेक्ट (Preventive Aspect) पर आरोग्य भारती का केंद्रित प्रयास

सरकारी प्रयासों और विभिन्न एनजीओ (NGOs) के काम की सराहना करते हुए डॉ. वार्ष्णेय ने कहा कि सरकार और कई संस्थाएं रोगी चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं और यह आवश्यक भी है। हालांकि, बीमारी को रोकने यानी प्रिवेंटिव आस्पेक्ट (Preventive Aspect) पर काम करने वाले संगठन बहुत कम हैं।

आरोग्य भारती मुख्य रूप से इसी प्रिवेंटिव दृष्टिकोण पर कार्य करती है। स्वस्थ जीवनशैली को संगठन का मुख्य आधार बताते हुए उन्होंने कहा:

“हम ‘फ्रॉम इलनेस टू वेलनेस टू हैप्पीनेस’ (From Illness to Wellness to Happiness) के विचार पर चलते हैं। संपूर्ण स्वास्थ्य दृष्टिकोण (Holistic Health Approach) ही वह आधार है, जिस पर आरोग्य भारती कार्य करती है।”

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