Ayurved Indian reports that the Ayush Ministry’s toll-free helpline is not working for the past 5 days, raising concerns over service delivery.
Ministry of Ayush द्वारा हाल ही में शुरू की गई आयुष इंश्योरेंस टोल-फ्री हेल्पलाइन (1800-11-0008) पर सवाल खड़े होने लगे हैं। यह हेल्पलाइन आयुष बीमा लाभार्थियों और अस्पतालों की सहायता के लिए शुरू की गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है।
लगातार प्रयास के बावजूद नहीं लगा नंबर
स्वास्थ्य और आयुर्वेद से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले प्लेटफॉर्म Ayurved Indian ने इस हेल्पलाइन की कार्यक्षमता की जांच करने के लिए लगातार दो दिनों तक कई बार इस नंबर पर कॉल करने की कोशिश की।
हालांकि, हर बार या तो कॉल कनेक्ट नहीं हुआ या लाइन पूरी तरह से बंद पाई गई।
5 दिनों से बंद होने का दावा
Ayurved Indian के अनुसार, यह समस्या सिर्फ एक-दो दिन की नहीं है, बल्कि जब से चालू हुई है तभी से यह हेल्पलाइन काम नहीं कर रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस सेवा को आम लोगों की सुविधा और शिकायत निवारण के लिए शुरू किया गया, वह खुद ही बंद क्यों है?
बड़े दावे, लेकिन जमीनी सच्चाई अलग
आयुष मंत्रालय ने इस हेल्पलाइन को शुरू करते समय दावा किया था कि इससे
- लाभार्थियों को आसान जानकारी मिलेगी
- शिकायतों का तेजी से समाधान होगा
- आयुष बीमा सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी
यह हेल्पलाइन All India Institute of Ayurveda के प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट (PMU) द्वारा संचालित की जा रही है।
सवालों के घेरे में व्यवस्था
अगर हेल्पलाइन ही काम नहीं कर रही, तो लाभार्थी अपनी समस्याएं कहां दर्ज कराएं?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तकनीकी लापरवाही से न सिर्फ लोगों का भरोसा कमजोर होता है, बल्कि सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ता है।
मंत्रालय से जवाब की दरकार
अब जरूरत है कि आयुष मंत्रालय इस मुद्दे पर तुरंत संज्ञान ले और हेल्पलाइन को जल्द से जल्द चालू करे, ताकि जिन लोगों के लिए यह सेवा शुरू की गई है, उन्हें इसका वास्तविक लाभ मिल सके।




