A high-level delegation from the Ministry of Ayush, led by Vaidya Rajesh Kotecha, visited the National Cancer Institute to strengthen collaboration in integrative oncology, natural products research, and global health initiatives.
कैंसर जैसी घातक बीमारी के इलाज में आयुर्वेद के ज्यादा से ज्य़ादा उपयोग को लेकर भारत सरकार लगातार प्रयास कर रही है और इसके लिए अमेरिका की प्रमुख रिसर्च संस्थाओं के साथ मिलकर खोज करने पर बात चल रही है। इसको लेकर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल 23 अप्रैल 2026 को अमेरिका के मैरीलैंड स्थित National Cancer Institute का दौरा करने पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आयुष मंत्रालय के सचिव Vaidya Rajesh Kotecha ने किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इंटीग्रेटिव ऑन्कोलॉजी (समेकित कैंसर उपचार), प्राकृतिक उत्पादों पर शोध और वैश्विक स्वास्थ्य सहयोग को और मजबूत करना था।
इस उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में सचिव के ओएसडी Dr. Raman Kaushik, जामनगर स्थित Institute of Teaching and Research in Ayurveda के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रमुख Dr. Mukesh Kumar Naria, तथा वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी काउंसलर Anamika Mishra शामिल थीं।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने National Cancer Institute के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और नेतृत्व टीम के साथ विस्तृत चर्चा की। इसमें Dr. Barry R. O’Keefe, Dr. Tanja Grkovic, Dr. Satis Gopal, Dr. Sudha Sivaram और Dr. Jeffrey White जैसे प्रमुख विशेषज्ञ शामिल रहे।
बैठक में दोनों पक्षों ने चल रहे सहयोगों की समीक्षा, अब तक की उपलब्धियों को साझा करने और भविष्य में संयुक्त अनुसंधान के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। खास तौर पर आयुर्वेद सहित पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को कैंसर उपचार में वैज्ञानिक प्रमाणों के साथ शामिल करने पर जोर दिया गया।
इस संवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू नेचुरल प्रोडक्ट्स रिसर्च रहा, जिसमें औषधीय पौधों और उनके सक्रिय घटकों के माध्यम से कैंसर उपचार में संभावनाओं पर चर्चा की गई। साथ ही, वैश्विक स्वास्थ्य के संदर्भ में भारत और अमेरिका के बीच ज्ञान और तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
यह दौरा भारत के आयुष सेक्टर के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है, जो न केवल पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक मंच पर मजबूत करेगा, बल्कि एविडेंस-बेस्ड इंटीग्रेटिव ऑन्कोलॉजी के विकास में भी नई दिशा प्रदान करेगा।




