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Ayurveda medicine of bones: घुटनों की समस्या में आयुर्वेद की यह औषधी करती है कमाल

Babul tree

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आधुनिक जीवन शैली की वजह से हड्डियों ख़ासकर घुटनों में लुब्रीकेंट्स की कमी बहुत ही आम समस्या बन गई है। ख़ासकर 50 साल के बाद धीरे-धीरे शरीर के जोडों मे से लुब्रीकेन्ट्स एवं केल्शियम बनना कम हो जाता है। इसकी वजह से जोडों का दर्द ,गैप, केल्शियम की कमी, आदि जैसी समस्याएं सामने आने लगती है।

मार्डन चिकित्सा पद्धतियों में इसका इलाज जोइन्ट्स रिप्लेस बताया जाने लगा है, जोकि एक बहुत ही महंगा इलाज होने के साथ साथ साल दो सालों में समस्या फिर दोबारा पहले से भी ज्य़ादा परेशानी वाली हो जाती है। ऐसे में घुटने की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेद में एक बहुत ही उपयोगी औषधी बबूल नाम के पेड़ से बनती है। भारत में बबूल हज़ारों सालों से दांतों और हड्डियों को मज़बूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसको दांतों में इस्तेमाल बहुतायत में किया जाता है। इसी वजह से कई टूथपेस्ट कंपनियों ने भी बबूल के नाम से अपने पेस्ट बेचने शुरु किए थे।

घुटनों की समस्या के लिए बबूल के पेड़ पर जो फली ( फल) आती है उसको तोड़कर उसको सुखाकर पाउडर बना लें। फिर इसे सुबह १ चम्मच की मात्रा में गुनगुने पानी से खाने के बाद लिजिए। बबूल में हड्डियों को और लुब्रिकेंट्स के फ्लो को बेहतर करने के तत्व होते हैं। केवल 2-3 महिने सेवन करने से आपके घुटने का दर्द बिल्कुल ठीक हो जायेगा। साथ ही आपको घुटने बदलने की जरुरत नही पड़ेगी। हालांकि यह औषधी शुरु करने से पहले किसी आयुर्वेदाचार्या के साथ परामर्श लेना जरुर चाहिए।

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