Virudh Aahar in Ayurveda: बीमारियों की जड़ है विरुध आहार

Virudh Aahar in Ayurveda: अगर आपको किसी भी तरह की एलर्जी है और वह दबाव से ठीक नहीं हो रही है तो आपको अपने खाने-पीने की आदतों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि शरीर में एलर्जी होने का मुख्य कारण विरुद्ध आहार है। आयुर्वेद के मुताबिक अगर हम अपने शरीर की प्रकृति के हिसाब से खानपान नहीं करते और लगातार विरुद्ध आहार को लेते हैं तो इसकी वजह से हमारे शरीर में बहुत सारी बीमारियां आती हैं।

विरुध आहार की वजह से आने वाली बीमारियों में सबसे प्रमुख “एलर्जी” होती है, फिर चाहे वह स्किन एलर्जी हो फूड एलर्जी हो या किसी और तरह की एलर्जी। विरुध आहार हमारे इम्यून सिस्टम को भी बुरी तरीके से प्रभावित करता है। जिसकी वजह से मौसम बदलने पर अक्सर बीमार होना, सबसे पहले बीमारी लगना यह भी आहार विरुध खाने की वजह से होता है।

Vaidya Indu Sharma, President, IMA (Women) Wing

IMA (आयुष) महिला विंग की अध्यक्ष वैद्य इंदू शर्मा के मुताबिक खान पान हमारे शरीर को ना सिर्फ ताकत देता है बल्कि वह पूरे सिस्टम की रिपेयर और ग्रोथ करता है। इसीलिए आयुर्वेद में खाने पीने को शरीर की प्रकृति के हिसाब से और मौसम के हिसाब से बताया गया है। शरीर की 7 तरह की प्रकृति होती है और हम जो भी कुछ खाते हैं, वह शरीर की प्रकृति के हिसाब से होना चाहिए। अगर शरीर की प्रकृति वात वाली है और हम इसके विरुद्ध वाला खाना खाते हैं तो ये शरीर को बीमारियों की ओर ले जाएगा। जैसे अगर सर्दियों के मौसम में ठंडी चीजें खाएं तो उसका असर बहुत ही नकारात्मक पड़ता है, यानी आप के बीमार होने की संभावनाएं बहुत बढ़ जाती हैं। इसी तरह जिस व्यक्ति का डाइजेशन सिस्टम (पाचन तंत्र) बहुत अच्छा ना हो अगर वह बाहरी चिकनाई युक्त ठंडे और ज्यादा मीठे खाने को खाएगा तो उसको भी पेट संबंधी, रक्त संबंधी बीमारियां होने लगेंगी। इसी तरह घी और शहद दोनों का एक साथ समान मात्रा में सेवन करना विष के समान माना गया है। परंतु अलग-अलग इनको खाना अमृत के समान माना जाता है। वात प्रकृति वाले लोगों को वात बढ़ाने वाले खाने पीने की वस्तुओं से दूरी रखनी चाहिए।

कुछ चीजों का ध्यान बहुत जरूरी रखना चाहिए जैसे कि घी खाने के बाद तुरंत ठंडा पानी या कोल्डड्रिंक या और किसी तरह के ठंडे पेय पदार्थ बिल्कुल नहीं लेनी चाहिए। इसकी वजह से आपका डाइजेशन सिस्टम खराब हो सकता है, जोकि धीरे-धीरे गंभीर बीमारियों में बदल जाता है। इसी जगह हल्का सा गर्म जल या गर्म पेय लेने का नियम अपनाना चाहिए। गेहूं और जौ से बने गर्म भोजन के साथ ठंडा पानी पीना या फिर खाने के बाद व्यायाम करना बहुत ही खराब होता है, आयुर्वेद के मुताबिक ऐसा करने वाले व्यक्ति को बहुत जल्द ही बीमारियां पकड़ लेती हैं।

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