Ayurveda medicine: गुजरात के एक मरीज को एलोपैथिक के डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था और कहा था कि उनके पैर के पंजे काटने के अलावा इसका कोई इलाज नहीं है। लेकिन आयुर्वेद ने इस मरीज की बीमारी को ठीक कर दिया। दरअसल वराछा के चीकूवाड़ी में रहने वाले 60 साल के पोपट भाई सुतारिया के पैरों में पिछले 20 सालों से सूजन थी। उनके पैरों में हमेशा दर्द और जलन रहती थी। लेकिन पिछले 2 सालों में उनकी परेशानी और बढ़ गई। उन्होंने इस बीमारी को कई डॉक्टर को दिखाया बड़े-बड़े एलोपैथी के डॉक्टर ने उनको बहुत सारी दवाइयां दी, बहुत सारे टेस्ट कराए, लेकिन इसके बावजूद भी वह ठीक नहीं हो पा रहे थे। बाद में एलोपैथी के डॉक्टर ने उनके सूजन वाले हिस्से को काटने को ही आखिरी उपाय बताया। सब जगह से परेशान होकर पोपट भाई फिर एक आयुर्वेदिक चिकित्सक को दिखाने पहुंचे। उनका इलाज करने वाले आयुर्वेदिक डॉक्टर रजनीकांत पटेल ने बताया किस बीमारी को कवच कृमि कहते हैं, इसका इलाज आयुर्वेद में है। हमने आयुर्वेद के हिसाब से इस मरीज की क्रिमी चिकित्सा दी। इसमें लीच थैरेपी के जरिए मरीज के सूजन वाले हिस्से का इलाज किया। उसके बाद धूम चिकित्सा के जरिए 30 दिनों के भीतर ही उनके पैरों की सूजन 50% तक कम कर दी गई अब इनकी दर्द और जलन भी काफी कम हो गया है।
International Yoga Day पर राष्ट्रीय पुरस्कारों की अंतिम तिथि
The Ministry of AYUSH invites applications for the PM National Yoga Awards 2026. Individuals and organizations promoting yoga can apply before March 21 for this prestigious honor. नई दिल्ली। योग…





