Chronic Pancreatitis की आयुर्वेदिक दवा को मिला पेटेंट, वैद्य बालेंदु प्रकाश ने बनाई गंधक जारण नाम की दवा

दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक क्रॉनिक पेनक्रिएटाइटिस (Chronic Pancreatitis की आयुर्वेदिक दवा को मिला पेटेंट (Ayurvedic medicine got patent), वैद्य बालेंदु प्रकाश ने बनाई गंधक जारण नाम की दवा) के आयुर्वेदिक इलाज के लिए मशहूर वैद्य बालेंदु प्रकाश को गंधक जारण नाम की दवा के लिए 20 साल पेटेंट मिल गया है। वैद्य बालेंदु प्रकाश लंबे समय से क्रानिक पेनक्रिएटाइटिस का इलाज करते आ रहे हैं, उनके पिता एक मशहूर वैद्य रहे हैं और उन्हें रस शास्त्र के मुताबिक गंधक जारण नाम की एक दवा का अविष्कार किया था, जिसको वैद्य बालेंदु प्रकाश ने अपनी रिसर्च से काफी बेहतर कर, उसे अब पेंटेंट भी करा लिया है। इस दवा की वजह से हज़ारों मरीजों को इस जानलेवा क्रॉनिक पेनक्रिएटाइटिस से मुक्ति मिली है। इस दवा के पेंटेंट के लिए 2000 क्रॉनिक पेनक्रिएटाइटिस मरीजों के डेटा लिया गया था, जिसके आधार पर इस दवा का 20 साल का पेटेंट वैद्य बालेंदु प्रकाश को दिया गया है।

दरअसल क्रॉनिक पेनक्रिएटाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें अमाश्य में सूजन आ जाती है और वो धीरे धीरे करके उसकी स्थिति बिगड़ने लगती है। इससे उसकी ब्लड शुगर भी अनियंत्रित होने लगती है और लगातार उल्टी और पेट संबंधी बीमारियां होने लगती हैं। ऐसे में मार्डन मेडिसिन में रोगी को कुछ समय के लिए सामान्य तो कर दिया जाता है, लेकिन इसका कोई इलाज नहीं था। दूसरी ओर वैद्य बालेंदु प्रकाश का परिवार इस बीमारी के इलाज को दो पीढियों से करता आ रहा है। भारत में फिलहाल 10 लाख से ज्य़ादा लोग इस गंभीर बीमारी से परेशान हैं। ऐसे में आयुर्वेद की इस दवा से इन मरीजों को काफी मदद मिल सकती है।

मार्डन साइंस में क्रॉनिक पेनक्रिएटाइटिस के लिए मुख्य तौर पर शराब और सिगरेट को जिम्मेदार माना जाता रहा है, लेकिन वैद्य बालेंदु प्रकाश ने अपनी रिसर्च में पाया कि यह बीमारी खानपान संबंधी है, जिसमें पूरी रात जागने वाले, रातभर स्नैक्स खाने वाले और सुबह कम नाश्ता करने वालों को अधिकांश यह बीमारी हो रही है। इस बीमारी के इलाज के लिए जो दवा बनाई गई है, वो इतनी कॉम्पलेक्स है कि उससे बनने में तीन साल का समय लगता है। अपनी रिसर्च के दौरान भारतीय विज्ञान संस्थान की मदद भी ली गई, इस दवा निर्माण में पाया गया कि रस शास्त्र की दवा बनाने की प्रक्रिया में पारा, गंधक और तांबा अपना मूल स्वरूप बदल लेता है और वो एक कॉप्लेक्स दवा बन जाते हैं, जोकि बीमारी में बहुत ही अच्छा असर करती है।

वैद्य बालेंदु प्रकाश को इससे पहले 2019 में अमेरिका में पेनक्रियाज समिति ने उनके काम को देखते हुए सम्मानित किया था। इससे पहले वैद्य बालेंदु प्रकाश को पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।

 

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