Dental care in Ayurveda: आयुर्वेदिक मंजन करें इस्तेमाल, दांत चलेंगे सालों साल

Dental care in Ayurveda: दांतो की बीमारियां इन दिनों बहुत कम उम्र से ही शुरू हो जाती हैं ।अक्सर दांत का दर्द लोगों को बहुत परेशान करता है। लेकिन थोड़ी सी देखभाल से ही हम दांतों की बहुत सारी परेशानियों से बच जाते हैं। दांत में कैविटी होना, मसूड़ों में खून आना या फिर दांत का हिलना, यह सब दांतों की आम परेशानियों में से एक है। लेकिन हम अपनी भोजन की गलत आदतें ठीक कर ले खाने में चीनी या कार्बोहाइड्रेट कोल्ड ड्रिंक्स का प्रयोग कम करें, बहुत ज्यादा ठंडा, बहुत ज्यादा गर्म, तला हुआ मसालेदार आदि अगर कम खाएं तो दांतो से जुड़ी समस्याएं कम हो सकती हैं। खाने के बाद और सुबह उठने पर मसूड़ों और दांतों की सफाई करना बहुत जरूरी है।

आयुर्वेद में कुछ बहुत ही सरल बातें हैं जिनसे हम दांतो की अगर सफाई करते हैं तो दांत बहुत लंबे समय तक चलते हैं। प्राकृतिक तौर पर दांतों की सफाई करना बहुत ही बेहतर होता है। अगर आपके आसपास नीम बबूल अमरूद जैसे पेड़ हैं तो इनकी दातुन से सुबह ब्रश करने से आपके दांत मजबूत रहेंगे। बहुत सारे लोगों को बिना ब्रश किए सुबह चाय या कॉफी पीने की आदत होती है, जोकि दांतो के लिहाज से बहुत ही खराब आदत है। इससे शरीर में ना केवल पितृदोष बढ़ता है बल्कि एसिड और कब्ज भी बढ़ता है। इसलिए किसी दातुन से या फिर नमक तेल के मिश्रण से दांतों को साफ करें और अपने मसूड़ों की मालिश करें इससे सांप के दांत मजबूत रहेंगे।

कोरोना के बाद बदलें ब्रश

कोरोना से एक बार संक्रमित होने के बाद आपको अपना टूथपेस्ट तुरंत बदल देना चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक प्लास्टिक की सतह पर कोरोनावायरस लंबे समय तक जीवित रह सकता है। इसलिए अगर आपने कोरोना के दौरान अपने टूथब्रश से ब्रश किया हो तो उस टूथब्रश में कोरोनावायरस लंबे समय तक जीवित रह सकता है। ऐसे में टूथब्रश को तुरंत बदल देना चाहिए। वरना यह आपको दोबारा संक्रमित कर सकता है। वैसे तो कहा जाता है कि हर 3 महीने में टूथब्रश बदल देना चाहिए। लेकिन कोरोना तो इसको जरूर बताना चाहिए।

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