Treatment of depression through Ayurveda: योग और आयुर्वेद के जरिए ठीक होगा अवसाद

सर्दियों में सूरज के काम निकालना और मौसम के बोझिल होने की वजह से अक्सर अवसाद और डिप्रेशन के मरीजों की संख्या में इजाफा हो जाता है। सर्दियों में होने वाले डिप्रेशन को मौसमी भावात्मक विकार (SAD) कहा जाता हैं। यह एक तरह का अवसाद है जोकि आमतौर पर सर्दियों के मौसम में ही होता है। इसके प्रमुख लक्षण कम ऊर्जा, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत, नींद के पैटर्न में बदलाव आना, सामान्य गतिविधियों में दिलचस्पी बहुत ही कम हो जाना और सेक्स में अचानक रुचि खत्म होना। आयुर्वेद और योग के जरिए इस तरह के अवसाद और डिप्रेशन को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इस मानसिक बीमारी को आसानी से ठीक किया जा सकता है। बस लोगों को अपने जीवन और रहन-सहन के तरीके में कुछ बदलाव करने होते हैं।

यह भी पढें: World Mental Health Day 2023: These 5 foods keep your brain health good, include it immediately in the diet

आयुर्वेद के मुताबिक, जिन लोगों को तनाव और डिप्रेशन है, उनको सुबह जल्दी उठना चाहिए। अपने शौच आदि से निबटने के बाद, अगर मौसम ठीक है तो बाहर नहीं तो घर में ही 15-20 मिनट की ब्रिस्क वॉक या खड़े-खड़े रनिंग भी की जा सकती है। उसके बाद कुछ योग के आसन किए जाने चाहिएं। जिसमें प्राणायाम और प्राणवायु संबंधित योग को शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही साथ सोते समय नाक के अंदर बादाम के तेल की दो बंदे डालनी चाहिए। साथ ही नारियल या फिर बादाम के तेल से पैरों की और सर की मसाज की जानी चाहिए। नहाते समय हल्के गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए और एक और महत्वपूर्ण बात कि अपने खाने और सोने के टाइम टेबल पर ध्यान देना चाहिए।

डॉ. सांत्वना श्रीकांत के मुताबिक, अवसाद के कारण देश में 54 प्रतिशत आत्महत्या के मामले हो रहे हैं। जिसमें महिलाएं 71 प्रतिशत हैं, जबकि 15 से 29 साल के युवा आत्महत्या कर रहे हैं। दरअसल हाल ही में सिमरन नाम की एक सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर ने आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद यह सवाल खड़ा हो रहा था कि युवा आत्महत्या क्यों कर रहे हैं।

  • Related Posts

    “ग्लोबल फिटनेस ट्रेंड्स” ने बढ़ाई अश्वगंधा की मांग, WHO सम्मेलन में विशेष चर्चा

    नई दिल्ली। दिल्ली में होने जा रहे दूसरे Global Summit on Traditional Medicine में इस बार पूरा एक विशेष सत्र अश्वगंधा पर रखा गया है। दरअसल अमेरिका से लेकर चीन…

    “ट्रेडिशनल मेडिसिन में भारत की वैश्विक दावेदारी”

    नई दिल्ली। भारत को वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा का केंद्र बनने के लिए सरकार एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ दूसरा वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन करने जा रही…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    Jal Neti से करें मानसिक और श्वसन तंत्र को बीमारी मुक्त

    Jal Neti से करें मानसिक और श्वसन तंत्र को बीमारी मुक्त

    कैंसर के इलाज में आयुर्वेद के उपयोग पर अमेरिका के साथ रिसर्च

    कैंसर के इलाज में आयुर्वेद के उपयोग पर अमेरिका के साथ रिसर्च

    Ayurveda में Innovation बढ़ाने के लिए समझौता

    Ayurveda में Innovation बढ़ाने के लिए समझौता

    आयुष मंत्रालय का खोखला दावा, टोल फ्री हेल्पलाइन है बंद

    • By एसk
    • April 27, 2026
    • 148 views
    आयुष मंत्रालय का खोखला दावा, टोल फ्री हेल्पलाइन है बंद

    Ayurvedic Treatment for Malaria: मलेरिया में आयुर्वेदिक इलाज

    Ayurvedic Treatment for Malaria: मलेरिया में आयुर्वेदिक इलाज

    Kedarnath Yatra 2026: दर्शनों के लिए खुले बाबा के द्वार

    • By एसk
    • April 22, 2026
    • 44 views
    Kedarnath Yatra 2026: दर्शनों के लिए खुले बाबा के द्वार