Lipoma treatment: क्या आपके हाथ-पैर में गांठ है? जानिए बिना सर्जरी गांठ को पिघालने के 3 घरेलू उपाय

लिपोमा की गांठ त्वचा की नीचे बढ़ती है और इसे छूने पर दर्द नहीं होता है। इस तरह की गांठ किसी स्वास्थ्य समस्या का कारण नहीं बनती है लेकिन आपकी त्वचा की सुंदरता को प्रभावित जरूर कर सकती है।

कई बार शरीर के किसी भी हिस्से में ऐसी गांठ बन जाती है, जिसमें दर्द नहीं होता है। आमतौर शरीर में त्वचा के नीचे बनने वाली गांठ में दर्द हो सकता है। यह ऐसी गांठ होती है, जिसे दबाने से दर्द नहीं होता, यह किसी रबर की तरह महूस होती है और इसे आसानी से हिलाया जा सकता है। मेडिकल भाषा में इस तरह की गांठ को लिपोमा (Lipoma) कहा जाता है। इस तरह की गांठ अक्सर हाथ या पैर में बन सकती है।

लिपोमा की गांठ त्वचा की नीचे बढ़ती है और इसे छूने पर दर्द नहीं होता है। इस तरह की गांठ किसी स्वास्थ्य समस्या का कारण नहीं बनती है लेकिन आपकी त्वचा की सुंदरता को प्रभावित जरूर कर सकती है। हां, अगर आपको इससे किसी तरह की परेशानी हो रही है, तो इसका इलाज संभव है। चलिए जानते हैं कि शरीर में इस तरह की गांठ क्यों बन जाती है, इससे आपको क्या खतरा है, इसके क्या लक्षण हैं और इससे कैसे छुटकारा पा सकते हैं।

लिपोमा बहुत आम है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हर 1,000 लोगों में से लगभग 1 को लिपोमा होता है। लिपोमा अक्सर 40 और 60 की उम्र के बीच दिखाई देते हैं, लेकिन वे किसी भी उम्र में हो सकते हैं। वे जन्म के समय भी उपस्थित हो सकते हैं। लिपोमा सभी लिंगों के लोगों को प्रभावित करता है, लेकिन वे महिलाओं में थोड़ा अधिक आम हैं।

(Symptoms of Lipoma)

लिपोमा आमतौर पर दर्दनाक नहीं होते हैं। बहुत से लोग जिन्हें लिपोमा होता है, उन्हें कोई लक्षण दिखाई नहीं देता है। राहत की बात यह है कि लिपोमा अपने आसपास के ऊतकों में नहीं फैलते हैं। हालांकि कई मामलों में आपको दर्द और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इनका आकार गोल या अंडाकार होता है। इस तरह की गांठ का साइज 2 इंच से छोटा होता है लेकिन कई बार इस तरह की गांठ 6 इंच से अधिक चौड़ी हो सकती है।

(Causes of Lipoma)

लिपोमा की गांठ के क्या कारण हैं, इस बारे में पर्याप्त सबूत नहीं हैं। यह किसी को जेनेटिक हो सकती है। कुछ स्थितियों के कारण शरीर पर कई लिपोमा बन जाते हैं। इनमें शामिल हैं- डर्कम रोग जोकि एक दुर्लभ विकार दर्दनाक लिपोमा को बढ़ने का कारण बनता है। इसके अलावा गार्डनर सिंड्रोम, जेनेटिक मल्टिपल लिपोमैटोसिस और , मैडेलुंग डिजीज इसका कारण बन सकते हैं।

  • Related Posts

    NIA के 50 साल: भारत बनेगा दुनिया का होलिस्टिक हेल्थ सेंटर

    जयपुर, 9 फरवरी 2026। देश के प्रमुख आयुर्वेदिक संस्थान राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान (NIA), जयपुर ने आज अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर स्वर्ण जयंती समारोह भव्य रूप से…

    PM Modi का आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर क्या है विजन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद को आधुनिक तकनीक, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ जोड़कर वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति लाई…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    NIA के 50 साल: भारत बनेगा दुनिया का होलिस्टिक हेल्थ सेंटर

    NIA के 50 साल: भारत बनेगा दुनिया का होलिस्टिक हेल्थ सेंटर

    PM Modi का आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर क्या है विजन

    • By एसk
    • February 9, 2026
    • 51 views
    PM Modi का आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर क्या है विजन

    आयुर्वेद में बच्चों का विकास: जानिए समग्र पालन-पोषण के प्राचीन और वैज्ञानिक तरीके

    आयुर्वेद में बच्चों का विकास: जानिए समग्र पालन-पोषण के प्राचीन और वैज्ञानिक तरीके

    स्वप्नदोष (Nightfall) क्या है? कारण, लक्षण और प्राकृतिक उपचार

    स्वप्नदोष (Nightfall) क्या है?  कारण, लक्षण और प्राकृतिक उपचार

    Ayurveda and food: कितना खाना है जरुरी?

    Ayurveda and food: कितना खाना है जरुरी?

    Healthy Child Development in Ayurveda: शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल

    • By एसk
    • February 5, 2026
    • 110 views
    Healthy Child Development in Ayurveda: शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल