Ayurveda and Food habits: खाने के बाद आइसक्रीम खाते हैं, तो हो जाएं सावधान

आयुर्वेद में खाना और स्वास्थ्य के बीच में सीधा संबंध बताया गया है। मॉर्डन रहन सहन में बहुत सारी ऐसी आदतें हम लोगों ने अपने जीवन में अपना ली हैं, जोकि हमें बीमारियों की ओर लेकर जा रही हैं।

Ayurveda and Food habits: आजकल लोगों को खाने के बाद मीठा खाने की बड़ी तलब होती है, कई बार बहुत से परिवार खाने के बाद आइसक्रीम खाने बाहर चले जाते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक खाना खाने के बाद कुछ भी ठंडा खाना, नहाना आदि बीमारियों को निमंत्रण देने के समान है। चरक संहिता से लेकर बागभट्ट और ऋषि पंताजलि ने अपने गंथ्रों में साफ साफ लिखा है कि खाने के नियमों का पालन करेंगे तो बीमारी से कोसों दूर रहेंगे।
चित्रकूट के मशहूर वैद्य डॉ. मदन गोपाल वाजपेयी के मुताबिक खाने के बाद कुछ काम बिलकुल नहीं करने होते। चुंकि खाना खाने के बाद आपके शरीर में पाचन अग्नि काम कर रही होती है और शरीर भोजन को पचाने के काम में लगा होता है तो ऐसे में ठंडी चीजों से परहेज करना चाहिए। खाने के बाद ठंडा पानी, आइसक्रीम या अन्य कुछ भी ठंडा खाना हमारी उस पाचन क्रिया को प्रभावित करता है और बीमारियों का आना शुरू हो जाता है। दोपहर के खाने के बाद कुछ देर आराम जरूर करना चाहिए। आराम करने से शरीर को खाना पचाने में आसानी होती है। अगर खाने के तुरंत बाद शारीरिक श्रम या दिमागी काम शुरू कर देते हैं तो शरीर का रक्त संचार बदल जाता है। इससे पाचन तंत्र गड़बड़ हो जाता है। इसकी वजह से कब्ज, गैस, पेट में दर्द और आगे चलकर ना जाने क्या क्या बीमारियां हो जाती हैं। दिल संबंधी बिमारियों की एक बड़ी वजह खाने के तुरंत बाद काम में लग जाना है।
कुछ लोगों को खाने के बाद नहाने की आदत होती है, जोकि बहुत ही ख़तरनाक काम है। नहाने से शरीर ठंडा हो जाता है और शरीर में जो एंजाइम भोजन पचाने के काम में लगे होते हैं, वो बहुत ही धीमे पड़ जाते हैं। इससे खाना नहीं पचता। आपका पेनक्रियाज, लीवर, किडनी सभी इससे प्रभावित होने लगते हैं। यह आदत धीरे धीरे ऐसी बीमारियों की ओर ले जाती है, जिनका इलाज पूरे जीवन भर करना पड़ सकता है। रात्रि के भोजन के बाद सैक्स करने पर भी मनाही है, दरअसल भोजन अगर समय से करेंगे तो सोने तक भोजन पच जाएगा। लेकिन भोजन देर से करेंगे और उसके बाद तुरंत सैक्स करेंगे तो इससे शरीर की पाचन क्रिया पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे दिल पर दबाव भी बढ़ जाता है। लिहाजा रात्रि का खाना दिन छिपने के तुरंत बाद खा लेना चाहिए।

Related Posts

Ayurvedic food को लेकर दुनियाभर में बढ़ी है उत्सुकता: वैद्य राजेश कोटेचा

World food India 2024: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पारंपरिक औषधि खानपान की जानकारी को लेकर बहुत ही उत्सुकता रहती है, इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय फूड इंडिया में आयुष मंत्रालय ने…

रसोई में उपलब्ध किन सात चीजों से शरीर के टॉक्सिक को निकालें बाहर

पिछले कुछ सालों में लोगों में सबसे बड़ी बीमारी बीपी और शुगर की हो गई है। इसके साथ साथ अन्य अधिकांश बीमारियां शरीर में टॉक्सिक के बढ़ने की वजह से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

NIA के 50 साल: भारत बनेगा दुनिया का होलिस्टिक हेल्थ सेंटर

NIA के 50 साल: भारत बनेगा दुनिया का होलिस्टिक हेल्थ सेंटर

PM Modi का आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर क्या है विजन

  • By एसk
  • February 9, 2026
  • 51 views
PM Modi का आयुर्वेद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर क्या है विजन

आयुर्वेद में बच्चों का विकास: जानिए समग्र पालन-पोषण के प्राचीन और वैज्ञानिक तरीके

आयुर्वेद में बच्चों का विकास: जानिए समग्र पालन-पोषण के प्राचीन और वैज्ञानिक तरीके

स्वप्नदोष (Nightfall) क्या है? कारण, लक्षण और प्राकृतिक उपचार

स्वप्नदोष (Nightfall) क्या है?  कारण, लक्षण और प्राकृतिक उपचार

Ayurveda and food: कितना खाना है जरुरी?

Ayurveda and food: कितना खाना है जरुरी?

Healthy Child Development in Ayurveda: शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल

  • By एसk
  • February 5, 2026
  • 110 views
Healthy Child Development in Ayurveda: शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक देखभाल