किसानों को केमिकल फ्री खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं श्री श्री रविशंकर

देश के किसानों को केमिकल फ्री खेती सिखाने के लिए आर्ट ऑफ लिविंग ने किसानों को ट्रेनिंग देने का काम शुरु किया है। आर्ट ऑफ लिविंग के गुरु श्री श्री रविशंकर खुद किसानों के साथ बातचीत कर उन्हें केमिकल फ्री और प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

प्राकृतिक खेती सीखने के लिए काफी बड़ी संख्या में किसान आर्ट ऑफ लिविंग के आश्रम बेंगलुरु में पहुंचे थे। जहां उन्हें स्वयं गुरु श्री श्री रविशंकर ने प्राकृतिक और केमिकल फ्री खेती के लिए प्रेरित किया। श्री श्री रविशंकर ने कहा कि केमिकल फ्री खेती के जरिए किसान अपनी कमाई में बढ़ोतरी के साथ साथ कर्ज मुक्त भी हो सकता है। दरअसल देश में अब बड़ी संख्या में केमिकल फ्री और प्राकृतिक खेती के कच्चे माल की मांग है। लेकिन किसान केमिकल खेती के चक्कर में प्राकृतिक खेती की ओर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य पर तो असर पड़ ही रहा है साथ साथ कृषि योग्य भूमि भी खराब हो रही है। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने भी प्राकृतिक खेती के लिए राष्ट्रीय मिशन शुरु किया है।

केंद्र सरकार ने बजट 2022-23 में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती की घोषणा की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने देश भर में बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (BPKP) को बढ़ाकर प्राकृतिक खेती पर राष्ट्रीय मिशन (NMNF) घोषित कर दिया था। इसके तहत कृषि और किसान कल्याण विभाग (DA&FW) राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान (MANAGE) और राष्ट्रीय जैविक और प्राकृतिक खेती केंद्र (NCONF) मास्टर ट्रेनर्स चैंपियन किसानों का बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कर रहा है। इसके साथ साथ प्राकृतिक खेती की तकनीकों पर किसानों को अभ्यास करा रहा है। अभी तक 697 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं और मैनेज के माध्यम से 56हजार 952 ग्राम प्रधानों के लिए प्राकृतिक खेती पर 997 प्रशिक्षण आयोजित किए गए हैं।

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