क्यों है Pranayama जीवन को स्वस्थ और सुखी रखने का उपाए

Practicing Pranayama: इन दिनों देश दुनिया में मानसिक रोग सबसे ज्यादा लोगों को परेशान कर रहे हैं। कई बार तो हालात ही हो जाती है कि व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करना पड़ जाता है और उसको क्या रोग है, क्या परेशानी है, इसका पता ही नहीं चलता। मेंटल हेल्थ दुनिया जहान में एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है, लेकिन भारतीय आयुर्वेद-योग में मेंटल हेल्थ को दुरुस्त रखने के लिए एक बहुत ही कारगर इलाज है, वह है प्राणायाम।

यह भी पढ़ें: Ayurved-Yoga को आगे बढ़ाने के लिए उत्तराखंड सरकार उठा रही है बड़े कदम

आयुर्वेद में योग एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें व्यक्ति अपनी प्राणवायु को नियंत्रित करना है। अगर आप अपनी प्राण वायु को नियंत्रित कर पाए तो आप अपने दिमाग को पूरी तरीके से कंट्रोल कर लेते हैं, साथ ही साथ आपका मन भी आपके काबू में रहता है। इसलिए जरूरी है कि किसी भी मानसिक स्थिति का सामना करने के लिए आप हरदम तैयार रहें। इसलिए आयुर्वेदाचार्य अक्सर रेगुलर प्राणायाम करने के लिए कहते हैं। अब यह प्राणायाम करना कैसे है, इसका बहुत ही सरल तरीका है आप अगर सुबह के समय यह कर पाए तो बहुत ही अच्छा है। सबसे पहले आप किसी खुले स्थान पर बैठे, अगर खुला स्थान ना भी हो तो किसी भी साफ स्थान पर बैठें। जमीन पर ध्यान मुद्रा में आसन पर बैठ जाएं, रीड की हड्डी को सीधा रखें कंधे सीधे हो, आंखें बंद कर ले और धीरे-धीरे लंबी गहरी सांस लेकर शरीर को स्थिर करें। फिर अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और एक नाक से सांस लें दूसरी से छोड़ें फिर वापस सांस खीचें और छोड़ें। सांस धीरे धीरे और धीरे धीरे ही छोड़ें।

कितना फायदेमंद है प्राणायाम

प्राणायाम बहुत सारी परेशानियों को दूर करने का बहुत ही कारगर उपाय है। इसको किसी अच्छे योगाचार्य की देखरेख में करने से यह और ज्यादा लाभ देता है। इसके जरिए से आपके फेफड़ों के काम करने की क्षमता बढ़ जाती है। आप अपनी सांस को लंबे समय तक रोक सकते हैं। इससे आपकी सांस लेने की मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है, साथ ही फेफड़ों की सभी समस्याओं को यह दूर करता है। निमोनिया भी जल्दी ठीक करता है और अस्थमा के मरीजों के फेफड़े को मजबूत करता है। अगर आप प्राणायाम करते हैं तो आप धीरे-धीरे धूम्रपान भी छोड़ सकते हैं। प्राणायाम की वजह से आपकी इच्छा शक्ति भी काफी मजबूत हो जाती है। अगर आप रेगुलर प्राणायाम करते हैं तो आपको जीवन में तनाव कभी नहीं होगा या कोई तनाव की स्थिति आए भी तो भी आप उसको बहुत ही आसानी से संभाल लेंगे।

योग में प्राणायाम को बहुत ही महत्व दिया गया है। अब तो स्थिति यह हो गई है कि मार्डन मेडिसिन के डॉक्टर्स भी अपने मरीजों को प्राणायाम करने के लिए सलाह देते हैं।

  • Related Posts

    Jal Neti से करें मानसिक और श्वसन तंत्र को बीमारी मुक्त

    Jal Neti is a powerful yogic nasal cleansing technique that helps improve breathing, reduce sinus issues, and enhance mental clarity. Learn its benefits, steps, and precautions. योग केवल आसनों तक…

    कैंसर के इलाज में आयुर्वेद के उपयोग पर अमेरिका के साथ रिसर्च

    A high-level delegation from the Ministry of Ayush, led by Vaidya Rajesh Kotecha, visited the National Cancer Institute to strengthen collaboration in integrative oncology, natural products research, and global health…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    Jal Neti से करें मानसिक और श्वसन तंत्र को बीमारी मुक्त

    Jal Neti से करें मानसिक और श्वसन तंत्र को बीमारी मुक्त

    कैंसर के इलाज में आयुर्वेद के उपयोग पर अमेरिका के साथ रिसर्च

    कैंसर के इलाज में आयुर्वेद के उपयोग पर अमेरिका के साथ रिसर्च

    Ayurveda में Innovation बढ़ाने के लिए समझौता

    Ayurveda में Innovation बढ़ाने के लिए समझौता

    आयुष मंत्रालय का खोखला दावा, टोल फ्री हेल्पलाइन है बंद

    • By एसk
    • April 27, 2026
    • 157 views
    आयुष मंत्रालय का खोखला दावा, टोल फ्री हेल्पलाइन है बंद

    Ayurvedic Treatment for Malaria: मलेरिया में आयुर्वेदिक इलाज

    Ayurvedic Treatment for Malaria: मलेरिया में आयुर्वेदिक इलाज

    Kedarnath Yatra 2026: दर्शनों के लिए खुले बाबा के द्वार

    • By एसk
    • April 22, 2026
    • 48 views
    Kedarnath Yatra 2026: दर्शनों के लिए खुले बाबा के द्वार