यूरोपीय देशों में भी हो रही है Ayurveda को लेकर चर्चाएं

भारतीय आयुर्वेद (Indian Ayurveda) की धूम दुनिया जहान में मची हुई है। अब आयुर्वेद से इलाज और रिसर्च (Ayurveda treatment and research) को लेकर यूरोप के देशों में भी चर्चाएं होने लगी है। स्विट्जरलैंड में आयुर्वेद और स्वास्थ्य को लेकर करीब 150 से ज्यादा आयुर्वेद प्रैक्टिशनर्स, रिसर्चर ने आयुर्वेद सिंपोजियम का भाग लिया है।

यह भी पढ़ें: Suryanamaskar awareness campaign will run across the country till Makar Sankranti

तीन दिन तक चलने वाले सिंपोजियम में भारत से भी आयुष सचिव वैद्य राजेश कटोचा, ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ आयुर्वेद की डायरेक्टर वैद्य तनुजा नेसारी ने हिस्सा लिया। इस सिंपोजियम में यूरोप के कई देशों से आए रिसर्चर और आयुर्वेद में रुचि रखने वालों ने हिस्सा लिया। इस सिंपोजियम का मकसद दुनिया जहान में आयुर्वेद के बारे में जागरुकता फैलाना है। साथ ही लोगों को यह बताना है कि आयुर्वेद किस तरह से काम करता है और कैसे उसका असर होता है।

कार्यक्रम में आयुष सचिव वैद्य राजेश कटोचा ने बताया की दुनिया भर के 24 देश के साथ भारत सरकार का आयुर्वेद को लेकर करार हो चुका है, जबकि संस्थान स्तर पर 48 संस्थाओं के बीच आयुर्वेद के बढ़ावे और इस पर रिसर्च पर करार हो चुके हैं कार्यक्रम में यूरोवेद और कई अन्य बड़ी संस्थाओं ने हिस्सा लिया। ऑल इंडियन इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद की डायरेक्टर वैद्य तनुजा नेसारी ने इस कार्यक्रम में आयुर्वेद किस तरह से काम करता है, इसपर एक प्रसेंटेशन दी, जिसमें उन्होंने बताया कि आयुर्वेद व्यक्ति की पर्सनल लाइफ के हिसाब से व्यक्ति के स्वास्थ्य की देखभाल करता है। उन्होंने कार्यक्रम में बताया कि आयुर्वेद किस तरह से व्यक्ति की प्रकृति के हिसाब से इलाज करता है और आयुर्वेद का इलाज पर्सनलाइज होता है, यानी की जिस व्यक्ति को जिस तरह जिस तरह की जरूरत है। उसी तरीके का इलाज उसका किया जाता है।

  • Related Posts

    “ग्लोबल फिटनेस ट्रेंड्स” ने बढ़ाई अश्वगंधा की मांग, WHO सम्मेलन में विशेष चर्चा

    नई दिल्ली। दिल्ली में होने जा रहे दूसरे Global Summit on Traditional Medicine में इस बार पूरा एक विशेष सत्र अश्वगंधा पर रखा गया है। दरअसल अमेरिका से लेकर चीन…

    “ट्रेडिशनल मेडिसिन में भारत की वैश्विक दावेदारी”

    नई दिल्ली। भारत को वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा का केंद्र बनने के लिए सरकार एक बार फिर विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ दूसरा वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन करने जा रही…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    Ayurveda Aahara के लिए नियम लाएगा FSSAI

    Ayurveda Aahara के लिए नियम लाएगा FSSAI

    Ayurveda on Hair Health: पेट खराब होने पर क्यों गिरते हैं बाल

    • By एसk
    • April 8, 2026
    • 62 views
    Ayurveda on Hair Health: पेट खराब होने पर क्यों गिरते हैं बाल

    Trikonasana से बनाया Asia Book of Records

    • By एसk
    • April 7, 2026
    • 112 views
    Trikonasana से बनाया Asia Book of Records

    “अब कम नहीं, ज्यादा खाना बना बीमारी की जड़”

    “अब कम नहीं, ज्यादा खाना बना बीमारी की जड़”

    Insomnia-Depression में करें Jatamansi तेल की मालिश

    Insomnia-Depression में करें Jatamansi तेल की मालिश

    Ayurvedic Rose Water Benefits: पेट और स्किन के लिए वरदान गुलाबजल

    Ayurvedic Rose Water Benefits: पेट और स्किन के लिए वरदान गुलाबजल