Cold & Cough Remedies : कोरोना नहीं तो भी अपनाएँ सर्दी-खांसी को दूर भागने वाली वनस्पतियां

Corona Cure Remedies: हमारे आस-पास ऐसी कई घास (grass) और वनस्पतियां पाई जाती हैं, जो कि वास्तव में बड़े काम की औषधियां हैं. इनसे सर्दी-खांसी, जुकाम का बेहतर इलाज हो सकता है. 

Health benefits of grass : खांसी, जुखाम और बुखार के भी कई मामले आ रहे हैं. ऐसे में बचाव का तरीका सबसे कारगर है. आयुर्वेद में ऐसी कई औषधियां हैं जो इन सभी प्रारंभिक लक्षणों का सटीक इलाज कर सकती हैं. 

ऊंटकटेरा से दूर होगी खांसी
खेतों के आस-पास मेड़ पर एक कंटीली घास अक्सर दिख जाती है. इसके फलों के चारों तरफ लंबे कांटे होते हैं. यह ऊंटकटेरा कहलाती है, इसका वानस्पतिक नाम एकीनोप्स एकिनेटस है. इसकी जड़ की छाल का चूर्ण तैयार कर लें. चुटकी भर चूर्ण पान की पत्ती में लपेटकर खाने से लगातार आ रही खांसी और कफ में आराम मिलता है. 

पुनर्नवा घास टूटेगा बुखार 
पुनर्नवा को वनस्पति विज्ञान बोरहाविया डिफ्यूसा कहता है. पुर्ननवा की ताजी जड़ों का रस (2 चम्मच) दो से तीन माह तक लगातार दूध के साथ सेवन करने से चेतना और शक्ति का अहसास होता है. पुर्ननवा की जड़ों को दूध में उबालकर पिलाने से बुखार में तुरंत आराम मिलता है.

लीवर (यकृत) में सूजन आ जाने पर पुर्ननवा की जड़ (3 ग्राम) और सहजन या मुनगा की छाल (4 ग्राम) लेकर पानी में उबाला जाए व रोगी को दिया जाए तो जल्दी आराम मिलता है. 

द्रोणपुष्पी (गुम्मा) से जाएगा कफ
नमी वाली जगहों पर उगने वाली द्रोण पुष्पी बड़े काम की औषधि है. यह पौधा विज्ञान की भाषा में ल्युकास एस्पेरा कहलाता है. द्रोणपुष्पी की पत्तियों का रस (2-2) बूंद नाक में टपकाने से और इसकी पत्तियों को 1-2 काली मिर्च के साथ पीसकर इसका लेप माथे पर लगाने से सिर दर्द ठीक हो जाता है.

हर्र और बहेड़ा के फलों के चूर्ण के साथ थोड़ी मात्रा इस पौधे की पत्तियां का चूरन मिलाकर खांसने वाले व्यक्ति को दिया जाए तो इसमें आराम मिलता है. कोरोना के लक्षणों में यह काफी काम आएगी. 

दूब घास से बढ़ेगी इम्यूनिटी
पूजा-पाठ में शामिल दूब आरोग्य में भी लाभकारी है. इसे सायनाडोन डेक्टीलोन कहा जाता है. इसमें ग्लाइकोसाइड, अल्केलाइड, विटामिन ‘ए’ और विटामिन ‘सी’ की भरपूर मात्रा पाई जाती है.

इसका प्रतिदिन सेवन शारीरिक स्फूर्ति देता है और शरीर को थकान महसूस नहीं होती है. यानी दूबघास एक शक्तिवर्द्धक औषधि भी है. अगर कोरोना के लक्षणों में थकान महसूस हो हो या बदनदर्द हो तो दूब घास का सेवन किया जा सकता है. 

तुलसी- इसके लिए क्या ही कहना
तुलसी कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है. कई बीमारियों को आपसे कोसों दूर रखने में और आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाने में भी तुलसी काफी मददगार साबित होती है.

अगर हर दिन तुलसी की चार से पांच पत्तियों को एक चम्मच शहद के साथ खाया जाए तो इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार होते हैं. साथ ही तुलसी के पत्ते चबाने से भी शरीर को फायदे मिलते हैं.

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