Belly Fat और Constipation के लिए करें ये 3 योगासन रोजाना

Practice Pavanmuktasana, Bhujangasana and Naukasana daily to improve digestion, relieve gas and constipation, and reduce belly fat naturally. Discover benefits and step-by-step guide.

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में गैस, कब्ज, अपच और पेट की बढ़ती चर्बी आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय है। विशेष रूप से पवनमुक्तासन, भुजंगासन और नौकासन पेट को स्वस्थ रखने, पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और निचले पेट की चर्बी कम करने में बेहद प्रभावी माने जाते हैं।

पवनमुक्तासन (Pavanmuktasana)

पवनमुक्तासन को गैस और कब्ज के लिए सबसे कारगर आसनों में गिना जाता है। यह आसन पेट में जमा अतिरिक्त वायु को बाहर निकालने में मदद करता है और आंतों की गतिविधि को सक्रिय करता है।

फायदे:

गैस और कब्ज से राहत

पेट दर्द में लाभ

पाचन क्रिया को सक्रिय करता है

निचले पेट की चर्बी कम करने में सहायक

कैसे करें:

पीठ के बल लेट जाएँ। एक घुटना मोड़कर उसे छाती से लगाएँ और दोनों हाथों से पकड़ लें। 10–15 सेकंड रुकें और सामान्य श्वास लें। फिर पैर बदलें। अंत में दोनों घुटनों को साथ पकड़कर भी कर सकते हैं।

भुजंगासन (Bhujangasana)

    भुजंगासन को ‘कोबरा पोज़’ भी कहा जाता है। यह पेट के अंगों को स्ट्रेच देता है और पाचन तंत्र को मजबूत करता है। यह आसन लीवर और किडनी को सक्रिय करने में भी सहायक है।

    फायदे:

    पाचन शक्ति बढ़ाता है

    पेट की चर्बी घटाने में मदद

    लीवर और किडनी को सक्रिय करता है

    कब्ज में लाभकारी

    कैसे करें:

    पेट के बल लेटें। हथेलियाँ कंधों के पास जमीन पर रखें। सांस लेते हुए धीरे-धीरे शरीर का ऊपरी हिस्सा उठाएँ। नाभि तक का भाग जमीन से सटा रहे। 15–20 सेकंड रुकें, फिर धीरे से वापस आएँ।

    नौकासन (Naukasana)नौकासन (Naukasana)

      नौकासन पेट और कमर की चर्बी कम करने के लिए अत्यंत प्रभावी है। यह पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और कोर स्ट्रेंथ बढ़ाता है।

      फायदे:

      पेट और कमर की चर्बी कम करता है

      एब्स को मजबूत करता है

      पाचन तंत्र सुधारता है

      कैसे करें:

      पीठ के बल लेट जाएँ। दोनों हाथ और पैरों को एक साथ ऊपर उठाएँ। शरीर को नाव जैसा आकार दें। 10–15 सेकंड तक स्थिति बनाए रखें, फिर धीरे-धीरे वापस आएँ।

      यदि आप रोज़ाना 15–20 मिनट इन तीन योगासनों का अभ्यास करते हैं, तो गैस, कब्ज, अपच और पेट की अतिरिक्त चर्बी जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। बेहतर परिणाम के लिए इन्हें खाली पेट करें और नियमितता बनाए रखें।

      Related Posts

      दुनिया भर में “Cool Wellcation” का ट्रेंड, गर्मियों की बीमारियों का इलाज है ठंडे इलाके

      cool-wellcation-ayurveda-summer-travel

      Yoga Day युग संस्कृति न्यास और वृद्वकेयर फाउंडेशन का वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष योग कार्यक्रम

      Yug Sanskriti Nyas and Vriddhcare Foundation organized a special International Yoga Day 2026 program for senior citizens at Mata Rambeti Old Age Home, promoting healthy ageing through yoga, meditation, and…

      Leave a Reply

      Your email address will not be published. Required fields are marked *

      You Missed

      BRICS New Delhi Declaration Recognises Traditional Medicine for UHC

      • By एसk
      • September 15, 2026
      • 23 views
      BRICS New Delhi Declaration Recognises Traditional Medicine for UHC

      Ayurveda Ecosystem: Research, Education, Standards & Global Growth

      Ayurveda Ecosystem: Research, Education, Standards & Global Growth

      Kamla Trust Steps Up Relief Efforts for Assam Flood Victims

      Kamla Trust Steps Up Relief Efforts for Assam Flood Victims

      AIIA New Delhi has launched the six-month Garbhini Mitra course for 2026–27

      AIIA New Delhi has launched the six-month Garbhini Mitra course for 2026–27

      Ayurveda research के जरिए भारत बनेगा wellness का ग्लोबल हब

      Ayurveda research के जरिए भारत बनेगा wellness का ग्लोबल हब

      आरोग्य भारती का मुख्य आधार प्रिवेंटिव हेल्थकेयर: डॉ. अशोक वार्ष्णेय

      आरोग्य भारती का मुख्य आधार प्रिवेंटिव हेल्थकेयर: डॉ. अशोक वार्ष्णेय